पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के प्रमुख नवाज शरीफ ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना आसान काम नहीं होगा। नवाज की टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है, जब पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी), पीएमएल-एन जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव होने हैं। नवाज ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के शहर मनसेहरा में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान दुनिया में पिछड़ गया है और देश को 'पुनर्निर्माण' करना होगा।
जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री के रूप में अपने पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए नवाज ने कहा कि उनकी सरकार ने न केवल डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये को 104 तक सीमित कर दिया था, बल्कि नकदी की कमी वाले देश से बिजली कटौती को भी खत्म कर दिया था। उन्होंने नाम लिए बिना पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) और उसके संस्थापक इमरान खान के खिलाफ ताजा हमला बोला और अफसोस जताया कि खैबर पख्तूनख्वा के लोगों ने एक 'झूठे' को वोट दिया। शरीफ ने महंगाई को काबू में करने का वादा करते हुए लोगों को भरोसा दिया कि अगर लोगों ने उन्हें सत्ता दी तो उनकी सरकार नौकरियां देगी और मानसेहरा में हवाई अड्डा बनाएगी।
कर्ज में डूबा हुआ है पाकिस्तान
पाकिस्तान दुनिया भर के देशों और संस्थानों से अरबों डॉलर का कर्ज ले चुका है। आपको बता दें कि नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को आईएमएफ से अगली किश्त के रूप में 70 करोड़ अमेरिकी डॉलर मिलने की उम्मीद है। पाकिस्तान को एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से 65.8 करोड़ डॉलर का कर्ज मिला है। इसमें बाजार दर पर 30 करोड़ डॉलर का महंगा ऋण भी शामिल है। एडीबी ने बयान में कहा, “इस सप्ताह पाकिस्तान को अधिक समावेशी और सतत वृद्धि और विकास लक्ष्य प्राप्त करने में मदद करने के लिए कुल 65.88 करोड़ डॉलर की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। “एडीबी ने तीन अलग-अलग कर्ज के तहत वित्तपोषण पैकेज को मंजूरी दी है। इनमें घरेलू संसाधन जुटाने में सुधार के लिए 30 करोड़ डॉलर, पिछले साल अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों के पुनर्वास के लिए 27.5 करोड़ डॉलर और खाद्य सुरक्षा में सुधार और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए आठ करोड़ डॉलर की मदद शामिल है।