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खुदरा महंगाई में बड़ी राहत, जनवरी में 4.31% दर्ज की गई दर, सस्ते कर्ज की और बढ़ी संभावना

 Published : Feb 12, 2025 05:01 pm IST,  Updated : Feb 12, 2025 05:38 pm IST

साल के पहले महीने में महंगाई में आम लोगों को राहत मिली है। ग्रामीण मुद्रास्फीति दिसंबर में 5.76 प्रतिशत की तुलना में घटकर 4.64 प्रतिशत रह गई।

खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 6. 02 प्रतिशत रही।- India TV Hindi
खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 6. 02 प्रतिशत रही। Image Source : FILE

महंगाई से जुड़ी एक अच्छी खबर आई है। खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर के 5.22 प्रतिशत से घटकर जनवरी में 4.31 प्रतिशत दर्ज की गई। पीटीआई की खबर के मुताबिक, सरकार की तरफ से बुधवार को ताजा आंकड़े जारी किए गए हैं। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में 5. 22 प्रतिशत और जनवरी 2024 में 5. 1 प्रतिशत थी। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 6. 02 प्रतिशत रही, जो दिसंबर में 8. 39 प्रतिशत और एक साल पहले इसी महीने में 8. 3 प्रतिशत से कम है।

खुदरा महंगाई को लेकर है ये टारगेट

खबर के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि खुदरा मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के मार्जिन के साथ 4 प्रतिशत पर बनी रहे। आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण मुद्रास्फीति दिसंबर में 5.76 प्रतिशत की तुलना में जनवरी में घटकर 4.64 प्रतिशत रह गई, जबकि शहरी मुद्रास्फीति पिछले महीने के 4.58 प्रतिशत की तुलना में घटकर 3.87 प्रतिशत रही। बीते 1 फरवरी को पेश हुए बजट में सरकार ने उपभोग बढ़ाने के लिए आयकर में व्यापक कटौती की भी घोषणा की है, जिसमें 12 लाख रुपये तक की इनकम (नई टैक्स रिजीम में) टैक्स फ्री कर दी गई है।

सस्ते कर्ज की राह होगी आसान!

जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति में आई गिरावट से आरबीआई द्वारा नीतिगत दर में एक और कटौती की संभावना बढ़ गई है, जिसने फरवरी में लगभग पांच सालों में पहली बार अपनी प्रमुख नीति दर में 25 आधार अंकों की कटौती करके इसे 6.25% कर दिया था। इसका मकसद अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना था, जिसके चार वर्षों में सबसे धीमी गति से बढ़ने की उम्मीद है। आपको बता दें, अक्टूबर में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति 14 महीने के टॉप लेवल 6.2% पर पहुंच गई थी। इस अवधि में खाद्य महंगाई दर 15 महीने के उच्चतम स्तर 10.9% पर पहुंच गई थी।

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