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भारत के इस शहर में मिलता है सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल, अन्य शहरों के मुकाबले दाम 10-15 रुपये कम!

 Written By: Shivendra Singh
 Published : May 15, 2026 02:54 pm IST,  Updated : May 15, 2026 02:54 pm IST

आज पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगी आग की चर्चा है। शुक्रवार को ईंधन की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। इस बढ़ोतरी के बाद जहां मुंबई और भोपाल जैसे शहरों में पेट्रोल ₹110 के करीब पहुंच रहा है, वहीं एक ऐसा भी शहर है जहां आज भी देश का सबसे सस्ता पेट्रोल मिलता है।

भारत में सबसे सस्ता...- India TV Hindi
भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल कहां मिलता है? Image Source : ANI

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हो गई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम 3-3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। इस फैसले के बाद दिल्ली, मुंबई, जयपुर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें फिर लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगी हैं। लेकिन इसी बीच भारत में एक ऐसा शहर भी है, जहां पेट्रोल और डीजल बाकी बड़े शहरों के मुकाबले 10 से 15 रुपये तक सस्ता मिल रहा है।

भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल और डीजल केंद्र शासित प्रदेश पोर्ट ब्लेयर में मिलता है। अंडमान और निकोबार की राजधानी होने के बावजूद यहां तेल की कीमतें देश के कई बड़े शहरों से काफी कम हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह कम वैट (VAT) और स्थानीय टैक्स हैं। जहां कई राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर भारी टैक्स लगाया जाता है, वहीं पोर्ट ब्लेयर में टैक्स दरें काफी कम हैं।

कितना है कीमतों में अंतर?

मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में जहां पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के ऊपर निकल गई हैं, वहीं पोर्ट ब्लेयर में आज पेट्रोल के दाम 84.99 रुपये है।इसी तरह डीजल की कीमतों में भी बड़ा अंतर देखने को मिलता है। यहां डीजल की कीमत 80.64 रुपये है, जो कई शहरों की तुलना में 10 से 15 रुपये तक सस्ती है।

क्यों अलग-अलग होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

देश में पेट्रोल और डीजल की बेस कीमत लगभग एक जैसी होती है, लेकिन अलग-अलग राज्यों के टैक्स, वैट और ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण अंतिम कीमत बदल जाती है। कुछ राज्य ज्यादा टैक्स लगाते हैं, जिससे वहां ईंधन महंगा हो जाता है। वहीं जिन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में टैक्स कम है, वहां लोगों को राहत मिलती है।

महंगे ईंधन का आम लोगों पर असर

पेट्रोल और डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से खाने-पीने की चीजों, सब्जियों और रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ीं, तो आने वाले समय में महंगाई पर और दबाव बढ़ सकता है।

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