देश के डिजिटल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Groww की पेरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स ने शेयर बाजार में अपना धमाकेदार आगाज किया है। कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले ही निवेशकों में जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। Groww ने 102 दिग्गज एंकर इन्वेस्टर्स से करीब 2984.5 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिससे बाजार में इसकी जोरदार एंट्री तय मानी जा रही है। कंपनी का 6632 करोड़ रुपये का मेगा IPO आज, यानी 4 नवंबर से पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है, जो 7 नवंबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू का प्राइस बैंड 95 से 100 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
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इस IPO की खास बात यह है कि Groww के एंकर बुक में गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर और वेलिंगटन मैनेजमेंट जैसे दुनिया भर के बड़े इन्वेस्टर्स ने पैसा लगाया है। कंपनी ने कुल 29.84 करोड़ शेयर 100 रुपये प्रति शेयर की दर से इन निवेशकों को आवंटित किए हैं। कंपनी की फाइलिंग के मुताबिक, एंकर इन्वेस्टमेंट का लगभग 46.6% यानी 1,389.8 करोड़ रुपये 17 भारतीय म्यूचुअल फंड्स द्वारा निवेश किया गया है। इनमें एचडीएफसी एएमसी, एसबीआई म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा, निप्पॉन इंडिया, ऐक्सिस म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सनलाइफ, मीराए एसेट और टाटा म्यूचुअल फंड जैसे बड़े घरेलू खिलाड़ी शामिल हैं।
नए शेयरों से 1060 करोड़ जुटाएगी कंपनी
IPO के जरिए कंपनी नए शेयरों से 1060 करोड़ रुपये जुटाएगी, जबकि पुराने निवेशक पीक XV पार्टनर्स, वाईसी होल्डिंग्स, टाइगर ग्लोबल, सिकोइया कैपिटल, अल्केऑन कैपिटल और रिबिट कैपिटल अपनी 55.72 करोड़ शेयरों की हिस्सेदारी बेचेंगे, जिसकी वैल्यू लगभग 5,572.3 करोड़ रुपये है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर (152.5 करोड़ रुपये), ब्रांड बिल्डिंग और मार्केटिंग (225 करोड़ रुपये), और अपनी NBFC सब्सिडियरी ग्रो क्रेडिटसर्व टेक्नोलॉजी (205 करोड़ रुपये) के पूंजी विस्तार में करेगी। साथ ही, 167.5 करोड़ रुपये सब्सिडियरी GIT (Groww Invest Tech) के मार्जिन ट्रेडिंग फंडिंग बिजनेस के लिए लगाए जाएंगे।
Groww की शुरुआत
Groww को ललित केशरे, हर्ष जैन, ईशान बंसल और नीरज सिंह ने फ्लिपकार्ट में साथ काम करने के बाद शुरू किया था और आज ये भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म में गिना जाता है। कंपनी का जून 2025 तिमाही में मुनाफा 378.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 338 करोड़ रुपये था।