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मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच गुड न्यूज! भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9 अरब डॉलर उछला, कितना है गोल्ड रिजर्व?

 Published : Apr 10, 2026 05:47 pm IST,  Updated : Apr 10, 2026 05:56 pm IST

आरबीआई के ताजा आंकड़े संकेत देते हैं कि भंडार में आई यह मजबूत रिकवरी न केवल रुपये की स्थिरता को सहारा दे रही है, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती भी दर्शाती है।

27 फरवरी 2026 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था।- India TV Hindi
27 फरवरी 2026 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था। Image Source : PEXELS

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 9 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है, जिससे आर्थिक मोर्चे पर मजबूती का संकेत मिला है। आरबीआई द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 को खत्म सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 9.063 अरब डॉलर की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही कुल भंडार बढ़कर 697.121 अरब डॉलर हो गया।

पिछले सप्ताह 10.288 अरब डॉलर हो गया था कम

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सप्ताह (27 मार्च 2026) में विदेशी मुद्रा भंडार 10.288 अरब डॉलर घटकर 688.058 अरब डॉलर रह गया था। गौरतलब है कि 27 फरवरी 2026 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण लगातार कई सप्ताहों तक भंडार में गिरावट देखी गई।

जान लीजिए ताजा स्थिति

विदेशी मुद्रा आस्तियां: 1.784 अरब डॉलर बढ़कर 552.856 अरब डॉलर हो गईं।

स्वर्ण भंडार: सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई- 7.221 अरब डॉलर की छलांग के साथ स्वर्ण भंडार बढ़कर 120.742 अरब डॉलर पहुंच गया।
स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs): 58 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.707 अरब डॉलर हो गए।
IMF के साथ रिजर्व पोजीशन: 4.816 अरब डॉलर पर स्थिर रही।

आरबीआई ने उठाया था ये कदम

पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद रुपये पर दबाव बढ़ा था। RBI ने इस दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर हस्तक्षेप किया और रुपये की अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए कई नीतिगत कदम भी उठाए। इस सप्ताह भंडार में हुई मजबूत वृद्धि रुपये की स्थिरता और RBI के सक्रिय हस्तक्षेप को दर्शाती है।

विदेशी मुद्रा भंडार का महत्व

विदेशी मुद्रा भंडार ऐसी संपत्तियां होती हैं जो किसी विदेशी मुद्रा में होती हैं और जिन्हें किसी देश का केंद्रीय बैंक अपने पास रखता है। इन भंडारों का उपयोग देनदारियों को पूरा करने और मौद्रिक नीति को प्रभावित करने के लिए किया जाता है। विदेशी मुद्रा भंडार में बैंकनोट, जमा राशियां, बॉन्ड, ट्रेजरी बिल और अन्य सरकारी प्रतिभूतियां शामिल हो सकती हैं। ये मुख्य रूप से केंद्र सरकार के लिए बैकअप फंड के रूप में काम करते हैं, अगर उसकी मुद्रा का मूल्य गिर जाए या वह दिवालिया हो जाए।

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