Stock market closing bell: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को दिनभर अस्थिरता का माहौल बना रहा। इन्वेस्टर्स विदेशी फंड के बाहर निकलने और अमेरिका की टैरिफ नीतियों को लेकर चिंताओं में रहे। इसके बीच सेंसेक्स और निफ्टी लगातार आठवें दिन नुकसान में रहे, लेकिन महीने के अंत में दोनों इंडेक्स ने हल्की बढ़त के साथ अपनी स्थिति संभाली।
बीएसई सेंसेक्स दिन के अंत में 97 अंक यानी 0.12% की गिरावट के साथ 80,267.62 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 24 अंक या 0.10% टूटकर 24,611.10 पर बंद हुआ। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग स्थिर रहे। कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 451.8 लाख रुपये करोड़ पर अपरिवर्तित रहा, जो पिछले सत्र में 451.5 लाख करोड़ रुपये था। हालांकि आठ सत्रों की गिरावट के दौरान सेंसेक्स 3.31% और निफ्टी 3.20% नीचे आ गए थे, लेकिन महीने के स्तर पर दोनों सूचकांक आधे प्रतिशत से अधिक बढ़त के साथ समाप्त हुए, जिससे दो महीने के नुकसान का सिलसिला टूटा।
एक्सपर्ट की क्या राय?
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में सतत दबाव विदेशी इन्वेस्टर्स की बिकवाली और अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी को लेकर जारी चिंताओं के कारण बना हुआ है। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति के पहले इन्वेस्टर सतर्क रहे। बाजार में उम्मीद है कि RBI अपने रेपो रेट को स्थिर रखेगा, क्योंकि मौजूदा आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति की स्थिति अनुकूल है।
टॉप गेनर और लूजर स्टॉक
आज निफ्टी 50 सूचकांक में कुल 28 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जिनमें अडानी पोर्ट्स (1.66% की तेजी), अल्ट्राटेक सीमेंट (1.65% की बढ़त) और जेएसडब्ल्यू स्टील (1.61% की बढ़त) सबसे ज्यादा फायदा कमाने वाले शेयर रहे। वहीं, इंटरग्लोब एविएशन (2.03%), आईटीसी (1.36%) और बजाज फिनसर्व (1.17%) आज के सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।
एशिया मार्केट का हाल
एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग में बढ़त देखने को मिली, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजारों में दोपहर कारोबार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। सोमवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे।