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कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों के मूड से तय होगी शेयर बाजार की चाल, जानें क्या बोले एक्सपर्ट्स

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : May 10, 2026 04:39 pm IST,  Updated : May 10, 2026 04:39 pm IST

भारतीय शेयर बाजार निकट भविष्य में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील बने रहेंगे और बाजार व्यापक दायरे में कारोबार कर सकता है।

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भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील बने रहेंगे बाजार Image Source : PTI

पश्चिम एशिया में जारी तनाव की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें इस हफ्ते घरेलू शेयर बाजार की चाल तय करेंगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि रुपये-डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार को प्रभावित करेंगी। ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक्नोलॉजी कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने कहा कि इस हफ्ते बाजार भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील रहेगा और निवेशकों का ध्यान अमेरिका-ईरान से संबंधित घटनाक्रमों पर रहेगा। उन्होंने कहा कि ब्रेंट क्रूड के दाम बाजार की दिशा तय करने वाला एक अहम कारक रहेगा। 

इसी हफ्ते आने हैं महंगाई के आंकड़े

उन्होंने कहा, ''अगर कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती हैं या तनाव कम करने की दिशा में प्रगति होती है तो जोखिम वाले निवेश माध्यमों में राहत भरी तेजी देखी जा सकती है। वहीं तनाव बढ़ने की स्थिति में बाजार पर दबाव बना रह सकता है।'' एक एक्सपर्ट ने कहा कि इस हफ्ते महंगाई के आंकड़े भी आने हैं जो बाजार के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इस बीच, केनरा बैंक, टाटा पावर, भारती एयरटेल, डीएलएफ, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी कंपनियां सप्ताह के दौरान अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। 

भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील बने रहेंगे बाजार

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार निकट भविष्य में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील बने रहेंगे और बाजार व्यापक दायरे में कारोबार कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के अप्रैल महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति (सीपीआई) के आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ब्याज दर नीति का संकेत देंगे, जबकि अमेरिका के सीपीआई और पीपीआई आंकड़े फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती, बॉन्ड प्रतिफल और वैश्विक जोखिम धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। 

पिछले हफ्ते मामूली बढ़ोतरी के साथ बंद हुए थे बाजार

बताते चलें कि पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत के लाभ में रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भी भारतीय बाजारों से निकासी जारी रखी है। इस महीने अबतक एफपीआई भारतीय शेयर बाजारों से 14,231 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।

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