पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ग्लोबल तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार दबाव में रहा। हालांकि बीच-बीच में रिकवरी की कोशिश जरूर हुई, लेकिन बाजार ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि US-ईरान सीजफायर की खबरें बाजार को राहत देंगी या नहीं।
पिछले हफ्ते बाजार का हाल
हफ्ते के अंत में सेंसेक्स करीब 73,583 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 22,819 के आसपास रहा। दोनों इंडेक्स में करीब 1.2% से ज्यादा की साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई। वहीं बैंकिंग सेक्टर ज्यादा कमजोर रहा और बैंक निफ्टी में 2% से अधिक की गिरावट देखने को मिली।
इस हफ्ते क्या रहेंगे बड़े ट्रिगर?
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले हफ्ते में बाजार की दिशा ग्लोबल संकेत तय करेंगे। कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर की चाल और US-ईरान के बीच तनाव या संभावित सीजफायर की खबरें निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित करेंगी। अगर तनाव कम होता है, तो बाजार में राहत की रैली देखने को मिल सकती है।
कैसा रहेगा बाजार का मूड?
विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार का स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। ऊपर की ओर मजबूत रेजिस्टेंस के कारण तेजी सीमित रह सकती है। ऐसे में सेल ऑन राइज की रणनीति फिलहाल जारी रह सकती है। निवेशकों को सतर्क रहने और ज्यादा जोखिम लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।
किन लेवल पर रहेगी नजर?
- सेंसेक्स: 74,400-74,900 रेजिस्टेंस, 73,000 के नीचे जाने पर और गिरावट संभव
- निफ्टी 50: 22,500 मजबूत सपोर्ट, इसके नीचे 22,000 तक फिसल सकता है
- बैंक निफ्टी: 50,500 अहम सपोर्ट, ऊपर 53,800-55,300 रेजिस्टेंस
निवेशकों के लिए क्या रणनीति?
एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि इस समय मजबूत बैलेंस शीट वाली बड़ी कंपनियों पर फोकस करें। डिफेंसिव सेक्टर और घरेलू मांग से जुड़े शेयर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। ट्रेडर्स को ज्यादा लीवरेज से बचने और रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।