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Investment Guide: 500 रुपए की छोटी सी शुरूआत से मिलेगा बड़ा फायदा, घर बैठे खुलवा सकते हैं एनपीएस अकाउंट

 Written By: Surbhi Jain
 Published : Mar 10, 2016 07:53 am IST,  Updated : Mar 14, 2016 03:42 pm IST

अब एनपीएस अकाउंट को इंश्‍योरेंस और म्‍यूचुअल फंड की तरह ही ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन तरीके से भी खोला जा सकता है।

Investment Guide: 500 रुपए की छोटी सी शुरूआत से मिलेगा बड़ा फायदा, घर बैठे खुलवा सकते हैं एनपीएस अकाउंट- India TV Hindi
Investment Guide: 500 रुपए की छोटी सी शुरूआत से मिलेगा बड़ा फायदा, घर बैठे खुलवा सकते हैं एनपीएस अकाउंट

नई दिल्‍ली। पैसा कमाने के लिए काम करना जरूरी है। लेकिन हम तभी तक काम कर पाते हैं, जब तक हम शारीरिक रूप से काम करने में सक्षम होते हैं। बुढ़ापे की इसी जरूरत के लिए हमारे पास पर्याप्‍त रिटायरमेंट फंड होना बेहद जरूरी है। सरकार ने इसकी व्‍यवस्‍था नेशनल पेंशन स्‍कीम(एनपीएस) के माध्‍यम से की है। लेकिन एनपीएस अकाउंट खोलने के झंझट के चलते इसे अभी तक बेहतर रिस्‍पॉन्‍स नहीं मिला है। इसे देखते हुए अब एनपीएस अकाउंट को इंश्‍योरेंस और म्‍यूचुअल फंड की तरह ही ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन तरीके से खोला जा सकता है।

किसी भी तरीके से खोल सकते हैं अकाउंट

सरकार ने ऑनलाइन सुविधा को पिछले साल अगस्त में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद पेंशन फंड रेगुलेटरी ऑथोरिटी ने पैन और बैंक आधारित केवाइसी के जरिए एनपीएस अकाउंट खोलने की अनुमति दी थी। जिसके बाद कोर्ट ने केवाइसी के लिए आधार के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी। इस प्रकार अब कस्‍टमर ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके में से किसी एक का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन दोनों तरीकों के बारे में, जो आपकी भविष्‍य की जरूरतों के लिए रिटायरमेंट फंड बनाने की अहम शुरूआत होंगे।

तस्वीरों में देखिए पूरा प्रोसेस

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ऑनलाइन प्रक्रिया

अपना एनपीएस एकाउंट ऑनलाइन खोलने के लिए www.npstrust.org.in पर जाएं वहां से ई-एनपीएस पर क्लिक करें। रजिस्टर करने के दो तरीके हैं। पहला अपने पैन व बैंक एकाउंट डिटेल्स के जरिए और दूसरा आधार के जरिए।

पैन कार्ड से

ऑनलाइन सब्सक्राइब करने के लिए मोबाइल फोन नंबर, ई मेल आईडी और नेट बैंकिंग सुविधा वाला बैंक एकाउंट होना अनिवार्य है।

जानकारी के लिहाज से इसकी प्रक्रिया ऑफलाइन के जैसे ही है। लेकिन अगर आप पैन उपलब्ध करा रहे हैं तो आपको बैंक एकाउंट भी देना होगा ताकि भविष्य में अथोरिटी आपको संपर्क कर सके।

PFRDA की सूची में करीब 15 बैंक शामिल है और अगर आपके पास बैंक एकाउंट है तो आप पैन प्लस बैंक वैरिफाइड केवाइसी के जरिए अपना एकुंट ऑनलाइन खोल सकते हैं।

ऑनलाइन प्रोसेस में भी रजिस्ट्रेशन के वक्त कुछ अमाउंट जमा करना होता है। केवाइसी की डिटेल्स वैरिफाइ होने के बाद ही ट्रांस्जेक्शन मुमकिन है। केवाइसी के लिए बैंक आपसे वन टाइम पीस के रूप में 125 रुपए(साथ ही एप्लिकेवल टैक्स) लेंगे और इसे बैंक एकाउंट से डेबिट कर दिए जाएंगे।

आधार कार्ड से–

आप आधार कार्ड नंबर से शुरुआत करते हैं। वन टाइम पासवर्ड आपके आधार रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है। ओटीपी के वैरिफाई होने के बाद आपको बैंक डिटेल्स देनी होंगी और साथ ही शुरुआती भुगतान करना होता है।

ध्यान रखें कि ऑनलाइन एकाउंट खोलने के लिए आपको अपने हस्ताक्षर और फोटो को स्कैन करके अपलोड करना होता है। अगर आप आधार का प्रयोग कर रहे हैं तो फोटो अपने आप आ जाती है, जिसे आप अपनी मन मुताबिक बदल सकते हैं।

यह प्रक्रिया यही खत्म नहीं होती। ऑनलाइन भर गए एनपीएस फॉर्म का प्रिंट आउट लेना होगा, उसपर फोटो लगानी होगी, फॉर्म पर साइन करना होगा। इस फॉर्म को 90 दिनों के भीतर सीआरए को जमा कराना होगा।

मौजूदा समय में नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) सीआरए है। यदि आप फॉर्म को नहीं भेजते तो आपका एकाउंट कुछ समय के लिए फ्रोज कर दिया जाता है।

ऑफलाइन प्रक्रिया

यह प्रक्रिया प्वाइंट ऑफ प्रजेंस (पीओपी) के साथ होती है। इसके तहत आप बैंक में अपना एनपीएस अकाउंट खुलवा सकते हैं। बैंक ही आपसे केवाइसी संबंधी दस्‍तावेज लेकर वैरिफिकेशन कराता है। अकाउंट खुलने के बाद आब बैंक में ही एनपीएस के तहत डिपॉजिट जमा करते हैं। फिलहाल भारत में 63 पीओपी है और तकरीबन सारे बड़े बैंक एनपीएस अकाउंट की सुविधा मुहैया कराते हैं।

ये है तरीका

एकाउंट खोलने के लिए सब्सक्रइबर रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होता है जिसमें खुद की जानकारी, आपका बैंक एकाउंट नंबर, पेंशन फंड मैनेजर का चुनाव और एसेट एलोकेशन शामिल होती हैं।

आपको केवाइसी डॉक्यूमेंट जमा कराने होते हैं और आप कितनी राशि डिपॉजिट करेंगे वह बताना होता है। इसके लिए न्यूनतम राशि 500 रुपए होती है और आपको हर साल कम से कम 6000 रुपए निवेश करने होते हैं।

इसके बाद पर्मानेंट रिटारमेंट एकाउंट नंबर (पीआरएएन) जनरेट करके आपको भेजा जाता है। ये यूनीक पोर्टेबल नंबर होता है जो आपके पास एनपीएस के तहत रहेगी।

आपकी वेलकम किट में कई पासवर्ड्स होते हैं जिसकी मदद से आप अपने एकाउंट को कॉल सेंटर या सैंट्रल रिकॉर्ड कीपींग एजेंसी (सीआरए) की वेबसाइट के जरिए ऑपरेट कर सकते हैं।

पीओपी आपके चुकाए गए भुगतान से की जाती है। इसपर केवल वन टाइम चार्ज लगता है जो कि 125 रुपए का है। एकाउंट खोलने के लिए इसे सब्सक्रइबर रजिस्ट्रैशन चार्ज भी कहते है।

इसके बाद सब्सक्राइबर से ली गई अमाउंट का 0.25 फीसदी 20 रुपए से लेकर 25,000 रुपए तक की ट्रांसजेक्शन्स पर लगता है। नॉन फाइनेंशियल ट्रांस्जेक्शन या फिर ऐसी जगह जहां पर सब्सक्राइबर से योगदान नहीं लिया जाता वहां पर 20 रुपए प्रति ट्रांस्जेक्शन लगता है।

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