भारत में इन दिनों शादियों का मौसम जोरों पर है। घर-घर में तैयारियां, गेस्ट लिस्ट, गिफ्ट और रिवाज सब कुछ एक्साइटमेंट के साथ होता है। लेकिन इसी बीच एक ऐसा सवाल है, जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। शादी में गिफ्ट के तौर पर कितना कैश लेना सही है? अगर आप यह नियम नहीं जानते तो खुशी का मौका टैक्स पेनाल्टी में बदल सकता है। इसीलिए इनकम टैक्स एक्ट में शादी से जुड़े गिफ्ट और खासकर कैश गिफ्ट को लेकर क्या नियम है, यह जानना जरूरी है। क्योंकि एक छोटी सी गलती भी भारी फाइन की वजह बन सकती है।
शादी में मिलने वाले गिफ्ट कितना टैक्स?
इनकम टैक्स एक्ट के मुताबिक, शादी में दूल्हा-दुल्हन को मिल रहे किसी भी तरह के गिफ्ट चाहे वह कैश हो, चेक हो, ज्वैलरी हो या प्रॉपर्टी पूरी तरह नॉन-टैक्सेबल है। शादी के मौके पर मिलने वाला गिफ्ट आय की कैटेगरी में नहीं आता, इसलिए इस पर टैक्स नहीं लगता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप कितनी भी रकम कैश के रूप में ले सकते हैं। कैश गिफ्ट पर अलग से लिमिट तय है।
कैश गिफ्ट का क्या रूल
इनकम टैक्स कानून के अनुसार, आप शादी में कैश गिफ्ट ले सकते हैं, लेकिन एक व्यक्ति से एक दिन में 2 लाख रुपये से ज्यादा कैश नहीं ले सकते। अगर कोई रिश्तेदार या दोस्त आपको 2 लाख से ज्यादा कैश देता है, तो यह नियम का सीधा उल्लंघन होगा।
2 लाख से ज्यादा कैश लिया तो क्या होगा?
अगर आपने इस लिमिट को क्रॉस कर लिया, तो आप पर बड़ा जुर्माना लगाया जाएगा। पेनाल्टी उतनी ही होगी जितना कैश आपने नियम तोड़कर लिया है। यानी अगर किसी ने आपको 3 लाख रुपये कैश दे दिया, तो 3 लाख रुपये की ही पेनाल्टी लगेगी। यह पेनाल्टी धारा 269ST के तहत लगाई जाती है। इसलिए शादी में कैश लेते समय सावधानी बेहद जरूरी है।
2 लाख से ज्यादा लेने का तरीका क्या है?
अगर कोई व्यक्ति आपको 2 लाख से ज्यादा अमाउंट गिफ्ट करना चाहता है, तो उसे कैश में न लें। उस अमाउंट को चेक, RTGS, NEFT, IMPS या किसी भी ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए आप ले सकते हैं। इस तरह आपके पार बड़ी रकम आ जाएगी और आप पेनाल्टी से भी बच जाएंगे।






































