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Mutual Funds में कौन-कौन से चार्जेज लगते हैं? निवेश से पहले समझ लें पूरा गणित

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : May 31, 2025 11:21 am IST,  Updated : May 31, 2025 11:21 am IST

मैनेजमेंट शुल्क निवेशकों से इसलिए लिया जाता है, ताकि फंड मैनेजरों को स्कीम के प्रबंधन के लिए दी जाने वाली सेवाओं का भुगतान किया जा सके।

म्यूचुअल फंड- India TV Hindi
म्यूचुअल फंड Image Source : PIXABAY

म्यूचुअल फंड में निवेश करने पर आपके पैसे का प्रबंधन एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) द्वारा किया जाता है। ये कंपनियां प्रत्येक स्कीम या फंड के लिए फंड मैनेजर नियुक्त करती हैं, जिन्हें मार्केट एक्सपर्ट्स और फाइनेंशियल एनालिस्ट्स की एक टीम असिस्ट करती है। इन प्रोफेशनल्स के खर्चों को मैनेज करना और बाजार के जोखिमों से निपटना एक जटिल काम हो सकता है। इसी वजह से एएमसी निवेशकों से कुछ शुल्क (फीस) वसूलती हैं। निवेश करने से पहले इन चार्जेज को समझना आपके लिए फायदेमंद होगा।

म्यूचुअल फंड में लगने वाले प्रमुख चार्जेज निम्न हैं:

एंट्री लोड (Entry Load)

यह वह शुल्क है जो एक फंड हाउस निवेशक से तब लेता है जब वह म्यूचुअल फंड की यूनिट खरीदता है। हालांकि, सेबी (SEBI) ने 2009 में इक्विटी म्यूचुअल फंड पर एंट्री लोड लगाना बंद कर दिया था।

एग्जिट लोड (Exit Load)

यह शुल्क तब लगता है जब निवेशक म्यूचुअल फंड की यूनिट्स को रिडीम करवाता है या बेचता है। एग्जिट लोड निश्चित नहीं होता और यह स्कीम दर स्कीम अलग-अलग हो सकता है। Bankbazaar के अनुसार, आमतौर पर एग्जिट लोड 0.25% से 4% तक होता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस प्रकार की स्कीम में निवेश किया है। फंड हाउस यह शुल्क इसलिए निर्धारित करते हैं, ताकि निवेशक एक निश्चित अवधि के लिए स्कीम में निवेशित रहें।

मैनेजमेंट शुल्क (Management Fee)

यह शुल्क निवेशकों से इसलिए लिया जाता है, ताकि फंड मैनेजरों को स्कीम के प्रबंधन के लिए दी जाने वाली सेवाओं का भुगतान किया जा सके। इसे अक्सर एक्सपेंस रेश्यो (Expense Ratio) के रूप में भी जाना जाता है।

अकाउंट फीस (Account Fees)

कभी-कभी एएमसी उन निवेशकों से अकाउंट फीस लेती है जो न्यूनतम बैलेंस राशि की आवश्यकता को पूरा करने में विफल रहते हैं। यह शुल्क सीधे निवेशक के पोर्टफोलियो से घटा दिया जाता है।

सर्विस और डिस्ट्रीब्यूशन चार्ज (Service and Distribution Charges)

ये शुल्क एएमसी द्वारा प्रिंटिंग, मेलिंग और मार्केटिंग जैसे खर्चों को पूरा करने के लिए वसूले जाते हैं।

स्विच फीस (Switch Fees)

कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स निवेशकों को अपने निवेश को एक योजना से दूसरी योजना में स्विच करने की अनुमति देती हैं। इस सेवा के लिए लिया जाने वाला शुल्क स्विच फीस कहलाता है।

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय इन चार्जेज के बारे में समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये आपके कुल रिटर्न को प्रभावित कर सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।)

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