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सरकार की तरफ से हर साल 1 फरवरी को बजट पेश करना तय है, दिन चाहे कोई हो। इसी हिसाब से शेयर बाजार भी ट्रेडिंग को लेकर फैसला लेते हैं। हालांकि,ऐसा इतिहास में यह दूसरी बार होने जा रहा है जब बजट के दिन रविवार है।
जानकार का कहना है कि भले ही चांदी की स्ट्रक्चरल डिमांड बनी हुई है, लेकिन मौजूदा स्तरों पर चांदी एक बबल जोन में है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की ओपनिंग बेहद अहम होगी।
निर्मला सीतारमण इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार 9वां बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाएंगी। इससे पहले, देश के किसी भी वित्त मंत्री ने लगातार 9 बजट पेश नहीं किया था।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने एलपीजी यानी रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं और जरूरत के आधार पर इसकी खुदरा कीमतों में कटौती या बढ़ोतरी की जाती है।
सिर्फ जनवरी महीने में डिफेंस कंपनियों के शेयरों ने 23% तक की तेजी दर्ज की है। माना जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में संभावित डिफेंस बजट बढ़ोतरी सेक्टर के लिए दीर्घकालिक रूप से सकारात्मक रहेगी।
यूपी ने ये मुकाम हासिल करने के लिए अपनी पॉलिसी में कई बदलाव किए, जिनमें जबरदस्त प्रशासनिक सुधार, नियमों को आसान बनाना शामिल है।
सेबी ने कहा कि इस प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 150 दिन लगते हैं। ऐसे में निवेशकों की सुविधा बढ़ाने और समय तथा जोखिम को कम करने के लिए एलओसी जारी करने की जरूरत को खत्म करने का फैसला लिया गया है।
एग्रीकल्चर इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गजों का कहना है कि इस बजट में सेक्टर की पूरी क्षमता को अनलॉक करने के लिए टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट रेजिलिएंस, क्रेडिट फ्लो, वैल्यू-एडेड प्रोडक्शन और बेहतर सप्लाई-चेन को प्राथमिकता देने की खास जरूरत है।
एक्सपर्ट्स ने कहा कि बजट 2026 में रक्षा को रणनीतिक रूप से मुख्य केंद्र में रखने की उम्मीद है, जिसमें ज्यादा पूंजीगत खर्च, तेजी से स्वदेशीकरण और टेक्नोलॉजी-आधारित क्षमता निर्माण पर जोर दिया जाएगा।
रक्षा पूंजीगत खर्च, जिससे आधुनिकीकरण और नई खरीद को फंड मिलता है, उसमें भी बढ़त दर्ज की गई है। ये 2015-16 में 83,614 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 1.92 लाख करोड़ रुपये हो गया।
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