पिछले सत्रों की गिरावट के बाद यह रिकवरी वैश्विक अनिश्चितताओं (जैसे जियोपॉलिटिकल टेंशन और डॉलर की कमजोरी) से जुड़ी हुई है। निवेशकों को सलाह है कि वे अल्पकालिक मूवमेंट्स के साथ-साथ मैक्रो फैक्टर्स पर भी नजर रखें, क्योंकि कीमती धातुएं अभी भी अस्थिरता के दौर से गुजर रही हैं।
जब दुनिया के किसी भी कोने में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो सोने की मांग में जबरदस्त उछाल आता है, जिससे इसकी कीमतें तेजी से बढ़ती हैं।
बुधवार को सोने का भाव 4910.35 डॉलर के इंट्राडे लो से लेकर 5065.31 डॉलर के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुका था। जबकि, चांदी भी कारोबार के दौरान 83.24 डॉलर के इंट्राडे लो से लेकर 88.24 डॉलर के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुकी थी।
सोने या चांदी में निवेश का फैसला निवेशक की रणनीति, जोखिम सहने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए। हां, आपके पास निवेश के कई विकल्प हैं जो आपको आपके हिसाब से चुनने चाहिए।
दुबई, कुवैत, कतर, ओमान, अमेरिका, बहरीन, सिंगापुर के स्टोर्स में आज सोने का क्या भाव चल रहा है।
मंगलवार को दोपहर 12.07 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल की डिलीवरी वाले सोने का भाव 5.08 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 1,51,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा था।
सोने और चांदी की कीमतों में लगातार 3 दिनों तक चली गिरावट की वजह से सोने का भाव 5000 डॉलर प्रति औंस के अहम लेवल से नीचे आ गया।
सोने और चांदी की कीमत में बीते कुछ दिनों से जबरदस्त हलचल है। जानकारों का कहना है कि आज सोना और चांदी अमेरिकी डॉलर के मजबूती के चलते दबाव में रहे।
ये बदलाव यात्रियों की सुविधा बढ़ाने, आधुनिक यात्रा पैटर्न को ध्यान में रखते हुए और व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं पर बोझ कम करने के उद्देश्य से किए गए हैं। अब विदेश से लौटते समय अधिक सामान बिना अतिरिक्त टैक्स के लाना संभव हो गया है।
सोने और चांदी की कीमतों में आज लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट का सिलसिला जारी है। निवेशक लगातार प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिसकी वजह से इन कीमती धातुओं का भाव बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार को सुबह 10 बजे के करीब सोने की कीमतें 4.20 प्रतिशत (लगभग 206 डॉलर) गिरकर 4689.43 डॉलर प्रति औंस के रेट पर कारोबार कर रही थीं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, मार्च की डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 26,273 रुपये (9 प्रतिशत) लुढ़ककर 2,65,652 रुपये प्रति किलोग्राम के अपने लोअर सर्किट पर बंद हुई।
सुरक्षित निवेश की मानी जाने वाली चमकदार धातुओं ने रविवार को निवेशकों को बड़ा झटका दे दिया। बजट 2026 के दिन हुए विशेष ट्रेडिंग सत्र में सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) भी बुरी तरह टूट गए।
सोने और चांदी की कीमत सातवें आसमान पर हैं। रिकॉर्ड हाई के बाद बीते दो-तीन सत्रों से इसमें गिरावट देखी जा रही है।
रिकॉर्ड हाई से चांदी की कीमत गिरकर करीब 2.9 लाख रुपये प्रति किलो के लेवल पर है, जबकि सोना 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया है। जानकारों का मानना है कि इन दोनों बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव अभी और देखने को मिल सकते हैं।
कई महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट के साथ सोने और चांदी का जोश ठंडा पड़ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना सहित अन्य कीमती धातुओं में भारी बिकवाली देखी गई।
सर्राफा बाजार में आज जो हुआ, उसने निवेशकों के होश उड़ा दिए हैं! पिछले कुछ दिनों से आसमान छू रहे सोने और चांदी के भाव अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बजट 2026 से ठीक पहले आई इस गिरावट ने खरीदारों के चेहरे पर चमक बिखेर दी है, जबकि निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
इकोनॉमिक सर्वे 2025-2026 रिपोर्ट में कहा गया है कि बेस मेटल्स की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितताओं से जुड़े जोखिम अभी भी मौदूद हैं। निवेशकों को लगातार निगरानी और जरूरत के मुताबिक, नीतिगत प्रतिक्रिया की जरूरत होगी।
जानकारों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों से 2025-2030 के बीच चांदी की मांग में 15-20% की वृद्धि होने की उम्मीद है।
बढ़ती महंगाई, ऊंची ब्याज दरें और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भारतीय परिवारों के लिए सोना एक बार फिर सबसे भरोसेमंद सहारा बनकर उभरा है। यही वजह है कि देश में सोने के आभूषण के बदले कर्ज यानी गोल्ड लोन का बाजार बीते दो वर्षों में रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ा है।
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