भारत अपनी कुल ऊर्जा जरूरत का लगभग 88% हिस्सा आयात करता है। जानकार मानते हैं कि अगर होर्मुज रूट बंद होता है, तो भारत वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर हो सकता है।
अगर यह बंदी अस्थायी और एहतियाती है तो असर सीमित रहेगा। लेकिन अगर यह लंबी अवधि तक जारी रहती है, तो तेल की कीमतों में तेज उछाल, महंगाई और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करते हुए दाम बढ़ा दिए हैं। रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 28 रुपये से 31 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, नई कीमतें आज यानी 1 मार्च से लागू भी हो गई हैं।
भारत और अमेरिका के बीच बीते दिनों हुए मुक्त व्यापार समझौते के बाद रूस की तरफ से आया यह बयान काफी अहम है। रूस का कहना है कि भारत अपनी नीति पर कायम है।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि किसी भी देश में सिर्फ घरेलू प्रोडक्शन से ही नौकरियां पैदा होती हैं, जो दुनिया के दूसरे हिस्सों में साबित हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमें आत्मनिर्भर बनने के लिए लड़ना होगा।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने साफ कहा कि भारत ऊर्जा जरूरतों को लेकर रूस पर निर्भर कभी नहीं रहा है। न ही हमें भारत की ओर से रूसी तेल खरीद बंद करने को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
तेल उद्योग (विकास) अधिनियम, 1974 के तहत लगाए जाने वाले ओआईडी उपकर को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बाद 1 मार्च, 2016 से विशिष्ट दर के बजाय 20 प्रतिशत मूल्य-आधारित शुल्क में बदल दिया गया था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर विदेश मंत्रालय ने साफ संदेश दिया है और अपनी स्थिति फिर से स्पष्ट कर दी है। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी दुनिया के सामने अपनी बात रख चुके हैं।
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS को दिए एक इंटरव्यू में भारतीय राजदूत विनय कुमार ने कहा कि नई दिल्ली की प्राथमिकता देश के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रूसी दूतावास ने कहा कि भारत रूस को इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीन टूल्स और फार्मा सहित अन्य उत्पाद भी निर्यात करता है। रूस अब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 'नए भारत का समुद्र मंथन' करार देते हुए कहा कि अब भारत मिशन मोड में समुद्र की गहराइयों में तेल और गैस की खोज करेगा। देश अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल और लगभग 50% प्राकृतिक गैस आयात करता है।
मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि सरकारी और प्राइवेट, दोनों तरह की रिफाइनरियों को पसंदीदा स्रोतों से तेल खरीदने की अनुमति है और कच्चे तेल की खरीद एक व्यावसायिक फैसला है।
आज तारीख है 1 जुलाई 2025, हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियों द्वारा एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में बदलाव किया जाता है। ऐसे में एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम में एक बार फिर गिरावट देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओएनजीसी ने गैस के रिसाव को रोकने के लिए पहले ही दो आपात उपाय किए हैं लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ।
ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, इन लेनदेन से होने वाली कमाई का इस्तेमाल ईरान के सरकारी संचालन और आतंकवादी संगठनों को समर्थन के लिए किया जाता है।
बुधवार को 222.30 रुपये के भाव पर बंद हुए कैस्ट्रॉल इंडिया के शेयर गुरुवार को बड़ी बढ़त के साथ 231.95 रुपये के भाव पर खुले थे। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर एक समय 13.36 प्रतिशत की ताबड़तोड़ तेजी के साथ 252.00 रुपये के भाव तक पहुंच गए थे। इसके अलावा, कंपनी के शेयरों ने आज 228.35 रुपये का इंट्राडे लो भी टच किया।
बीपी फील्ड के मौजूदा प्रोडक्शन में गिरावट को स्थिर करने और इसे एक ताकतवर विकास के रास्ते पर दोबारा लाने के लिए ओएनजीसी के साथ मिलकर काम करेगी। ओएनजीसी ने पिछले महीने कहा था कि बीपी के साथ हुई डील से तेल और गैस उत्पादन में होने वाली बढ़ोतरी से 10.3 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व लाभ होगा।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा- अंतर्राष्ट्रीय बाजार के बारे में मेरा अनुमान है कि 2026 में आपको प्राकृतिक गैस की उपलब्धता में बड़ी वृद्धि दिखाई देने लगेगी। हमें कतर से और गैस मिल सकती है।
कंपनी अरुणाचल प्रदेश के खेतों से असम तक प्राकृतिक गैस लाने के लिए 80 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने की भी योजना बना रही है, ताकि परिवहन और उद्योगों में प्रदूषणकारी तरल ईंधन की जगह ली जा सके।
ब्रोकरेज का मानना है कि इन सभी 8 शेयरों में 1.239 बिलियन डॉलर का पैसिव इनफ्लो आने की उम्मीद है। डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयरों में सबसे ज्यादा 192 मिलियन डॉलर का पैसिव इनफ्लो आने की उम्मीद है।
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