न्यू ईयर ईव पर जहां देशभर में जश्न का माहौल था, वहीं फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर ने कमाई के नए रिकॉर्ड बना दिए। डिलीवरी बॉयज की संभावित हड़ताल को लेकर जहां ग्राहकों के बीच चिंता थी कि ऑर्डर में भारी रुकावट आ सकती है, वहीं हकीकत इसके बिल्कुल उलट निकली।
Zomato और Swiggy ने बड़ा कदम उठाया है। हड़ताल के दबाव के बीच दोनों कंपनियों ने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए पेआउट और इंसेंटिव बढ़ाने का फैसला किया है।
स्विगी की ‘हाउ इंडिया स्विगीड’ रिपोर्ट के 10वें वर्जन में कंपनी ने बताया कि इस साल उनके यूजर्स का पसंदीदा खाना बिरयानी रहा।
फूड डिलीवरी कंपनी Swiggy एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी अब एक बड़ा कदम उठाने जा रही है, जो है 10,000 करोड़ रुपये जुटाना। इस कदम को कंपनी के विस्तार और अपने बिजनेस को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
22 सितंबर से डिलीवरी चार्ज पर लगाए जाने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी के कारण जोमैटो यूजर्स के लिए प्रति ऑर्डर लगभग 2 रुपये और स्विगी ग्राहकों के लिए 2.6 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
स्विगी का कहना है कि उसके पास टैक्स डिमांड से जुड़े आदेश के खिलाफ मजबूत तर्क हैं और वह समीक्षा/अपील के जरिये अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
स्विगी इंस्टामार्ट महाशिवरात्रि पर सीधे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से पवित्र तंदूल महाप्रसाद लड्डू डिलीवर कर रही है। कंपनी दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, गोवा और मध्य प्रदेश के 40 शहरों में भक्तों को ये लड्डू पहुंचाएगी।
बुधवार को 418.10 रुपये के भाव पर बंद हुए कंपनी के शेयर आज बड़ी गिरावट के साथ 387.95 रुपये के भाव पर खुले थे। खबर लिखे जाने तक स्विगी के शेयर 387.00 रुपये के इंट्राडे लो से लेकर 410.75 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुके थे। बताते चलें कि कंपनी के शेयरों का 52 वीक हाई 617.00 रुपये है।
हुरुन की नई सूची में दीप कालरा और राजेश मागो द्वारा स्थापित मेकमाईट्रिप 99,300 करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ चौथे स्थान पर है जबकि यशीश दहिया एवं आलोक बंसल द्वारा स्थापित पॉलिसी बाजार छठे स्थान पर है।
भारतीय शेयर बाजार में लगभग डेढ़ महीने से गिरावट का दौर चल रहा है और ऐसी परिस्थितियों में स्विगी का बाजार में बढ़त के साथ लिस्ट होना और फिर बढ़त लेकर हरे निशान में बंद होना ही अपने आप में एक बड़ी बात है।
Swiggy IPO listing : स्विगी के आईपीओ को निवेशकों से अच्छा रिस्पांस मिला और यह 3.59 गुना भरकर बंद हुआ था। आईपीओ में 16 करोड़ शेयरों की तुलना में 57.53 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं।
रेस्टोरेंट पार्टनर को शुरुआती ऑर्डर के लिए भुगतान मिलेगा। अगर वह ऑर्डर कैंसिल हो जाता है और नया कस्टमर उसे क्लेम करता है तो उसे राशि का एक हिस्सा डिस्काउंट मिलेगा। जो पार्टनर फ़ूड रेस्क्यू फ़ीचर में भाग नहीं लेना चाहते हैं, वे अपने पार्टनर ऐप और डैशबोर्ड का उपयोग करके आसानी से ऑप्ट-आउट कर सकते हैं।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) की शिकायत के बाद दोनों कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्णय लिया गया था। सीसीआई की जांच में पाया गया कि दोनों कंपनियां अनुचित व्यापारिक प्रथाओं में लिप्त हैं जिसमें कुछ भागीदार रेस्टोरेंट को कथित रूप से तरजीह देना भी शामिल है।
स्विगी के आईपीओ में 4,499 करोड़ रुपये की नई पेशकश के साथ-साथ कंपनी के विक्रय शेयरधारकों की ओर से 175,087,863 इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) भी शामिल है।
सूत्रों ने बताया कि जांच में पाया गया है कि दोनों संस्थाएं प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों (anti-competitive activities) में लिप्त थीं, जिनमें कथित तौर पर कुछ रेस्तरां भागीदारों को तरजीह देना भी शामिल है।
खाने-पीने की चीजों का ऑनलाइन ऑर्डर लेने और डिलीवरी करने वाली कंपनी स्विगी ने अपने इस आईपीओ के तहत 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 371 से 390 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था।
स्विगी के आईपीओ में 4,499 करोड़ रुपये के नए ऑफर के साथ-साथ कंपनी के विक्रय शेयरधारकों की तरफ से 175,087,863 इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) भी शामिल है।
एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को QIB कैटेगरी के लिए रिजर्व किए गए 8,69,23,475 शेयरों में से सिर्फ 3,496 शेयरों के लिए ही आवेदन आए। NII कैटेगरी का भी ऐसा ही हाल रहा।
Swiggy IPO: कंपनी ने एंकर राउंड में करीब 5085 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बुधवार सुबह कंपनी का शेयर ग्रे मार्केट में 390 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 12 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड करता दिखा।
स्विगी ने अपने आईपीओ के तहत QIB के लिए 75 प्रतिशत, रिटेल निवेशकों के लिए 10 प्रतिशत और NII के लिए 15 प्रतिशत कोटा रिजर्व किया है। 8 नवंबर को आईपीओ बंद होने के बाद सोमवार, 11 नवंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा।
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