चंडीगढ़ः भगवंत मान सरकार द्वारा पेश किया गया विश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया। इस दौरान विपक्षी पार्टियों के विधायक अनुपस्थिति रहे। सदन में विधायकों ने एक बार फिर दोहराया कि वे पार्टी के वफ़ादार सिपाहियों की तरह उसके साथ खड़े हैं। यह घटना आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद हुई है।
Related Stories
सदन से विपक्ष रहा गैरहाजिर
सीएम मान जब सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश कर रहे थे तो निर्दलीय विधायक राणा इंद्रजीत सिंह को छोड़कर कोई विपक्षी सदस्य मौजूद नहीं था। कांग्रेस ने सत्र से वॉक आउट कर दिया था जबकि भाजपा ने इस विशेष सत्र का बहिष्कार किया। शिअद और बसपा के विधायक भी सदन में नहीं थे।
सीएम मान ने विपक्ष पर साधा निशाना
जानकारी के मुताबिक, पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया।प्रस्ताव पेश करते हुए सदन में मुख्यमंत्री मान ने कहा कि ऐसी अफवाहें हैं कि AAP खत्म हो जाएगी और उसके विधायक पाला बदल लेंगे। इस तरह की अफ़वाहें लोगों के मन में एक भ्रम पैदा करती हैं।
सीएम ने कहा कि पार्टी मजबूत है। जम्मू-कश्मीर से लेकर गोवा तक पार्टी की मौजूदगी है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में हमारा एक विधायक है। पंजाब में हमारी सरकार सफलतापूर्वक चल रही है। दिल्ली में हम विपक्ष में हैं। गुजरात में हमारे पांच और गोवा में दो विधायक हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 'आप' के विभिन्न स्थानीय निकायों में महापौर, पार्षद, सरपंच हैं। पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि हम चट्टान की तरह अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं।
पंजाब में आप के पास है भारी बहुमत
बता दें कि पंजाब में विधानसभा की 117 सीटें हैं। इनमे से 94 विधायक आम आदमी पार्टी के पास हैं। इस तरह आप को भारी बहुमत प्राप्त है। सदन में कांग्रेस के 16, बसपा का एक, शिरोमणि अकाली दल के तीन, भाजपा के दो विधायक हैं जबकि एक निर्दलीय विधायक है।