1. Hindi News
  2. पंजाब
  3. मान सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' बनी वरदान, मैकेनिक को कर्ज के जाल से बचाकर दिया मुफ्त इलाज

मान सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' बनी वरदान, मैकेनिक को कर्ज के जाल से बचाकर दिया मुफ्त इलाज

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Mar 15, 2026 02:16 pm IST,  Updated : Mar 15, 2026 02:22 pm IST

पंजाब की मान सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' ने पटियाला के मैकेनिक को 90,000 रुपये के कर्ज से बचाते हुए मुफ्त इलाज मुहैया कराया।

मुख्यमंत्री सेहत योजना ने गरीब परिवार को दिया सुरक्षा कवच- India TV Hindi
मुख्यमंत्री सेहत योजना ने गरीब परिवार को दिया सुरक्षा कवच Image Source : REPORTER INPUT

पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा शुरू की गई 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। ताजा मामला पटियाला जिले के मंडोली गांव का है, जहां एक गरीब मैकेनिक को गंभीर बीमारी के दौरान भारी-भरकम कर्ज के दलदल में फंसने से इस योजना ने बचा लिया।

दिहाड़ी पर निर्भर रहने वाले परिवारों के लिए अस्पताल का छोटा सा प्रवास भी महीनों की कमाई को खत्म कर देता है। पटियाला के मंडोली गांव के निवासी गुरतेज सिंह, जो पेशे से एक मैकेनिक हैं, के साथ भी ऐसा ही हुआ। गंभीर रूप से बीमार होने के कारण न केवल उनकी आय का जरिया बंद हो गया, बल्कि इलाज के खर्च ने उनके परिवार के सामने संकट खड़ा कर दिया।

बहादुरगढ़ के चमन अस्पताल में भर्ती होने के कुछ ही दिनों के भीतर परिवार बेड चार्ज और दवाओं पर लगभग ₹10,000 खर्च कर चुका था। डॉक्टरों ने संकेत दिया कि इलाज का कुल खर्च ₹80,000 से ₹90,000 तक जा सकता है। अनियमित आय वाले परिवार के लिए यह रकम जुटाना नामुमकिन था और ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेना ही एकमात्र रास्ता नजर आ रहा था।

कार्ड बनते ही इलाज से मिली बड़ी राहत

मुसीबत की इस घड़ी में गुरतेज सिंह को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के बारे में बताया गया और उनका हेल्थ कार्ड बनवाने में मदद की गई। कार्ड बनते ही उन्हें योजना के तहत कवर किया गया और छह दिनों का पूरा इलाज बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के संपन्न हुआ।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, "हमारा मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अनियमित आय वाले परिवार भी खर्च के डर के बिना गुणवत्तापूर्ण इलाज करा सकें। बीमारी के दौरान वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि चिकित्सा देखभाल।"

बेटियों के भविष्य पर नहीं आया संकट

राहत महसूस करते हुए गुरतेज सिंह ने कहा, "हमारी सबसे बड़ी चिंता यह थी कि इतने पैसे कहां से आएंगे। अगर कार्ड न होता, तो हमें कर्ज लेना पड़ता और उसे चुकाने में महीनों संघर्ष करना पड़ता। इस योजना ने मेरे परिवार को उस बोझ से बचा लिया।" उन्होंने आगे ये भी कहा कि यदि वह कर्ज के बोझ तले दबते, तो इसका सीधा असर उनकी दो बेटियों की शिक्षा और भविष्य पर पड़ता।

योजना की मुख्य विशेषताएं

इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस कवरेज प्रदान किया जाता है, जिसका उद्देश्य पंजाब भर के कामकाजी परिवारों को चिकित्सा आपात स्थितियों के कारण होने वाले दीर्घकालिक वित्तीय संकट से बचाना है। लगभग 65 लाख परिवारों के लगभग 3 करोड़ निवासियों को कवर करने और 800 से अधिक अस्पतालों में 2,300 से अधिक उपचार पैकेजों तक पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सेहत योजना का लक्ष्य कामकाजी परिवारों को चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान कर्ज में डूबने से बचाना है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पंजाब से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।