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पंजाब में 2100 से ज्यादा युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, सीएम भगवंत मान ने सौंपे नियुक्ति पत्र

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Nov 07, 2025 10:32 pm IST,  Updated : Nov 07, 2025 10:36 pm IST

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य विद्युत निगम में भर्ती हुए 2,105 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस मौके पर सीएम ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना भी साधा।

नियुक्ति पत्र सौंपते हुए सीएम भगवंत मान- India TV Hindi
नियुक्ति पत्र सौंपते हुए सीएम भगवंत मान Image Source : X@BHAGWANTMANN

अमृतसरः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को पंजाब राज्य विद्युत निगम में भर्ती हुए 2,105 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही पिछले साढ़े तीन वर्षों में आप सरकार द्वारा युवाओं को दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 58,962 हो गई है। अमृतसर के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में आयोजित एक समारोह में उन्होंने कहा कि बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है, इसलिए राज्य सरकार इसे खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने पर सबसे अधिक जोर दे रही है। मान ने कहा कि आप सरकार ने युवाओं को केवल योग्यता के आधार पर नौकरियां दी हैं और आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान नौकरियां देने में भ्रष्टाचार और पक्षपात का बोलबाला था।

भगवंत मान ने युवाओं से कही ये बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नवनियुक्त युवा अब सरकार का अभिन्न अंग हैं और उन्हें मिशनरी उत्साह के साथ लोगों की सेवा करनी चाहिए। जिस तरह एक रनवे हवाई जहाज़ को उड़ान भरने में मदद करता है, उसी तरह राज्य सरकार युवाओं को उनके सपने पूरे करने में मदद करेगी। उन्होंने सभी युवाओं से नशे के खिलाफ युद्ध जैसे अभियानों में शामिल होने की अपील की ताकि राज्य सरकार इस बुराई को जड़ से उखाड़ फेंक सके।

सीएम मान ने विपक्ष पर साधा निशाना

पंजाब को "कर्ज में डुबोने" के लिए पिछली सरकारों को दोषी ठहराते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार को 2.75 लाख करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पारंपरिक राजनीतिक दल उनसे ईर्ष्या करते हैं क्योंकि वह एक सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने कहा कि ये नेता इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि एक आम आदमी राज्य को इतनी कुशलता से चला रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आज़ादी के बाद से ही उन्होंने लोगों को गुमराह किया है और उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा है, यही वजह है कि लोगों ने उन्हें नकार दिया है।

मान ने कहा कि पहाड़ी इलाकों के बोर्डिंग स्कूलों में पढ़े ये नेता पंजाब की ज़मीनी हक़ीक़त से अनजान हैं। पंजाब के मामलों में दखल देने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र जानबूझकर राज्य को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, "पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की सीनेट और सिंडिकेट को भंग करना राज्य की गौरवशाली विरासत पर सीधा हमला है। पंजाब विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि पंजाबी पहचान का एक भावनात्मक हिस्सा है, जहां पीढ़ियों ने शिक्षा प्राप्त की है।"

 इनपुट- पीटीआई

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