उत्तर भारत में ठंड का कहर चरम पर है और इससे बचने के लिए लोग अंगीठी जलाते हैं। कई बार यही अंगीठी जानलेवा साबित होती है। पंजाब के तरन तारण में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। तरन तारन जिले में ठंड से बचने के लिए एक परिवार ने कमरे के अंदर कोयले की अंगीठी जलाई थी। कथित तौर पर इसी अंगीठी के कारण दम घुटने से परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को बताया कि मृतकों में एक छोटा बच्चा भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय कमरे में मौजूद 10 वर्षीय एक बच्चे को बचा लिया गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार के लोग शनिवार रात कमरे के सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद कर सोए थे। इस दौरान कमरे के भीतर कोयले की अंगीठी जल रही थी और इसे नहीं बुझाया गया था।
मृतकों में युवा पति-पत्नी और 1.5 महीने का बच्चा शामिल
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 21 वर्षीय अर्शदीप सिंह, उनकी 20 वर्षीय पत्नी जसंदीप कौर और उनके डेढ़ माह के शिशु गुरबाज सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि कमरे में उचित वेंटिलेशन नहीं होने के कारण कोयले के धुएं के अधिक मात्रा में जमा होने से दम घुटने की आशंका है। यह घटना तरन तारन जिले के हरिके थाना क्षेत्र के अंतर्गत अलीपुर गांव में हुई। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
क्यों जानलेवा होती है अंगीठी?
सामान्य तौर पर आग जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है, जो ज्यादा खतरनाक नहीं होती है। वहीं, बंद कमरे में अंगीठी जलाने पर कमरे के अंदर ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है, जो फेंफड़े के अंदर जाकर खून से चिपक जाती है। इस वजह से कमरे के अंदर मौजूद व्यक्ति को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है और धीरे-धीरे उसका दम घुटने लगता है। अगर व्यक्ति सो रहा है तो उसे इसका एहसास भी नहीं होता है और उसकी मौत हो जाती है।
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