राजस्थान की सियासत में एक बार फिर शिक्षा मंत्री और पूर्व शिक्षा मंत्री में वाकयुद्ध शुरू हो गया है। पूर्व शिक्षा मंत्री एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर घोटाले का और भ्रष्टाचार में डूबने का आरोप लगाया। इस पर पलटवार करते हुए मदन दिलावर ने पलटवार करते हुए कहा है कि वो मानसिक संतुलन खो बैठे हैं, गहलोत जी उनका इलाज कराएं।
'गहलोत जी कराएं डोटासरा का इलाज'
मदन दिलावर ने कहा, ''डोटासरा जी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उन्हें आज और अभी एक अच्छे अस्पताल के मनोचिकित्सक वार्ड में भर्ती कराए ताकि उनका उपचार हो सके।'' आगे उन्होंने कहा, ''जो आरोप लगाए गए हैं वह निराधार हैं। स्काउट गाइड के सेवा नियम नहीं बने हैं ऐसे में जब उन्हें राशि ही नहीं दी गई तो गबन की बात ही नहीं होती। उन्होंने कहा कि हमने कुछ राशि को देने का प्रस्ताव किया था लेकिन जब सेवा नियम ही नहीं है तो राशि कैसे दी जा सकती है। इसलिए उसे कैंसिल कर दिया गया। ऐसे में डोटासरा द्वारा लगाए गए आरोप उनकी मानसिकता को बताता है।''
डोटासरा ने क्या आरोप लगाए?
इससे पहले गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था, "शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जी के अध्यक्ष रहते हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड में करोड़ों रुपए का गबन सामने आया है। मंत्री जी के संरक्षण में चल रही संस्था में करोड़ों रुपए की गड़बड़ियां, धमकाकर अवैध वसूली, खातों में लाखों रुपए ट्रांसफर होने और 2024 की भर्ती प्रक्रिया में धांधली के साक्ष्य सामने आ रहे हैं। हर दिन कांग्रेस और दूसरों को भ्रष्टाचार का प्रमाण-पत्र बांटने वाले मदन दिलावर जी को जवाब देना चाहिए कि जब वो स्वयं संस्था के अध्यक्ष हैं, तो फिर ये करोड़ों का गबन और गड़बड़ियां कैसे व किसके आदेश पर हुआ? क्या शिक्षा मंत्री बताएंगे कि कैंपों में अनियमितताएं और अधिकारियों द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कर पैसे किसके इशारे पर वसूले गए?"
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