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500 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड पुणे से गिरफ्तार, वॉट्सएप ग्रुप बनाकर कर रहा था फ्रॉड-VIDEO

 Reported By: Manish Bhattacharya Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Jul 07, 2026 05:36 pm IST,  Updated : Jul 07, 2026 05:45 pm IST

105 IND STOCKS ADV नाम के वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से साइबर ठगी की जाती थी। देशभर के लोगों को शेयर ट्रेडिंग और निवेश में भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगा जाता था।

साइबर ठगी का मास्टरमाइंड पुणे से गिरफ्तार- India TV Hindi
साइबर ठगी का मास्टरमाइंड पुणे से गिरफ्तार Image Source : REPORTER INPUT

राजस्थान साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। देशभर में ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर करीब 500 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड को पुणे से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी वॉट्सएप पर फर्जी निवेश समूह बनाकर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देता था और विश्वास जीतने के बाद करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम देता था।

राज्य साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में 23 फरवरी 2024 को सधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्हें '105 IND STOCKS ADV' नामक वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग और निवेश में भारी मुनाफे का झांसा देकर रकम निवेश करवाई गई, लेकिन बाद में पूरा पैसा हड़प लिया गया।

जांच में खुला 500 करोड़ के साइबर फ्रॉड का नेटवर्क

पुलिस ने जब वॉट्सएप ग्रुप की चैट, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया तो सामने आया कि यह कोई एक-दो लोगों से जुड़ा मामला नहीं था। इसी ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी किए जाने के संकेत मिले। इसके बाद राजस्थान साइबर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।

ऐसे फंसाते थे लोगों को

गिरोह पहले सोशल मीडिया और वॉट्सएप के जरिए लोगों को निवेश और ट्रेडिंग से जुड़ने का निमंत्रण देता था। शुरुआती दौर में कम रकम निवेश करवाकर पीड़ितों के खातों में कुछ मुनाफा वापस भेजा जाता था ताकि उनका भरोसा मजबूत हो जाए। जब पीड़ित बड़ी रकम निवेश कर देता, तब आरोपी पूरा पैसा निकाल लेते और वॉट्सएप ग्रुप से पीड़ित को हटाकर चैट भी डिलीट कर देते। इसके बाद उनसे संपर्क पूरी तरह खत्म कर दिया जाता था।

मास्टरमाइंड को पुणे से दबोचा

साइबर क्राइम पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वॉट्सएप नेटवर्क का विश्लेषण करते हुए गिरोह के कथित मास्टरमाइंड युवराज सतीश मुदलियार (35 वर्ष) निवासी लोहगांव, पुणे (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया। आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर जयपुर लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

लोन कंपनी की आड़ में जुटाए बैंक खाते

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने Grace Finance, Positive Balance और Guru Finance के नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित कर रखी थीं। इन कंपनियों के माध्यम से आम लोगों से पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप और अन्य दस्तावेज लिए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाए जाते और खाताधारकों को प्रति खाते लगभग 10 हजार रुपये कमीशन दिया जाता था।

इसके बाद इन बैंक खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा कराई जाती थी। आरोपी एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक अपने कब्जे में रखता था और खातों से नकदी निकालकर हवाला नेटवर्क के जरिए रकम को Binance Wallet सहित अन्य डिजिटल माध्यमों में ट्रांसफर करता था, जिससे धन के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाए।

देशभर में फैला था नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। साइबर पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों, फर्जी कंपनियों, हवाला चैनल और क्रिप्टो लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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