झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र में गुरुवार को उस समय चीख-पुकार मच गई, जब स्कूली बच्चों से भरी एक प्राइवेट स्कूल की बोलेरो सूरदास की ढाणी के पास सड़क हादसे का शिकार हो गई। दूसरे वाहन से हुई जोरदार टक्कर के बाद बोलेरो पलट गई। हादसे में एक दर्जन से ज्यादा स्कूली बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
दर्द और डर से रोते-बिलखते दिखे बच्चे
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और जीवन ज्योति रक्षा समिति के सदस्यों ने राहत कार्य शुरू करते हुए सभी घायल बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सूरजगढ़ पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही कई बच्चे दर्द और भय के कारण रोते-बिलखते नजर आए, जिससे वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी, परिजन दौड़ते हुए पहुंचे
हादसे की सूचना मिलते ही घायल बच्चों के परिजन भी भागते हुए सीएचसी पहुंचे। अस्पताल में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चिकित्सकों की टीम ने तत्काल सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार शुरू किया और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी। राहत की बात यह रही की हादसे में किसी भी मासूम को गंभीर चोट नहीं आई।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
सूचना मिलते ही सूरजगढ़ थाना पुलिस भी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कूली वाहन की सामने से आ रहे दूसरे वाहन से टक्कर हुई, लेकिन दुर्घटना किस कारण हुई, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

फिर उठे स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था, फिटनेस, चालक की लापरवाही और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और प्रशासन को स्कूल वाहनों की नियमित जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। घायल बच्चों का उपचार सीएचसी सूरजगढ़ में जारी है।
(रिपोर्ट- अमित शर्मा)
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