Mars Transit In Scorpio: मंगल ग्रह को ज्योतिष में ग्रहों का सेनापति कहा जाता है। जब भी मंगल राशि बदलते हैं तो सभी राशियों पर इसका असर देखने को मिलता है। 27 अक्टूबर को यही मंगल ग्रह तुला राशि से निकलकर अपनी स्वराशि वृश्चिक में गोचर कर जाएंगे। मंगल का यह गोचर कुछ राशियों के लिए बेहद अनुकूल साबित हो सकता है। इन राशियों को करियर और आर्थिक पक्ष में सुधार देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में।
कर्क राशि
मंगल ग्रह आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेंगे। यहां स्थिति मंगल आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकते हैं। खासकर इस राशि के विद्यार्थियों को शिक्षा जीवन में इस दौरान सफलता मिलेगी। कुछ लोगों को सरकारी नौकरी मिलने की भी संभावना है। संतान पक्ष से आपको अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। आर्थिक पक्ष में बेहतर बदलाव आप देख सकते हैं।
कन्या राशि
आपके साहस और पराक्रम के तृतीय भाव में मंगल ग्रह का गोचर होगा। मंगल के राशि बदलने से आपकी ऊर्जा में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है। नौकरी पेशा लोग कार्यक्षेत्र में अच्छे परिवर्तन देख सकते हैं। कुछ लोगों को पदोन्नति भी इस दौरान मिल सकती है। अतिरिक्त स्रोतों से भी इस राशि वालों को धन लाभ हो सकता है। सेहत में अच्छे बदलाव आएंगे।
मकर राशि
मंगल आपकी राशि से एकादश भाव में संचार करेंगे। यह लाभ का भाव कहा जाता है। इस गोचर के चलते आपको जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता मिल सकती है। अटके काम इस दौरान पूरे होंगे। आर्थिक पक्ष से जुड़ी परेशानियों का अंत भी मंगल के गोचर से हो सकता है। खेलकूद के क्षेत्र में करियर बनाने की कोशिश करने वाले लोगों को गूड न्यूज मिलने की संभावना है।
कुंभ राशि
आपके कर्म भाव में मंगल ग्रह का गोचर होगा। इस गोचर के चलते आप अपने लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ सकते हैं। भविष्य के लिए एक सही रोडमैप आपके पास होगा। संचित धन में इस दौरान वृद्धि होगी, उधार दिया धन भी आपको वापस मिल सकता है। लंबे समय से किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगे हैं तो सफलता आपके हाथ लग सकती है। आपके करियर क्षेत्र में भी अच्छे बदलाव आ सकते हैं।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
यह भी पढ़ें-
Chhath Puja Kharna Vidhi: छठ पूजा के दौरान कैसे किया जाता है खरना? जानें विधि और महत्व