Maa Durga Favorite Flowers: अगर आप नवरात्रि में माता रानी की भक्ति करके उन्हें प्रसन्न करने में लगे हैं, तो आपको देवी की पसंद-नापसंद की खास ख्याल रखना चहिए। माता रानी बहुत ही भोली हैं, जो अपने भक्तों द्वा की गई थोड़ी सी सेवा में ही खुश हो जाती हैं। मान्यता है कि अगर आप देवी के पसंदीदा फूल उन्हें अर्पित करेंगे, तो माता रानी जल्दी आपकी मनकामना सुनेंगी।
नवरात्रि के दौरान मां दु्र्गा की पूजा में एक खास फूल का विशेश महत्व हैं। चलिए जानते हैं कैसे एक फूल आपको माता की कृपा से सुख-समृद्धि की प्राप्ति और घर से नकारात्मकता दूर भगाने में सहायक हो सकता है।
मां को प्रिय हैं अपराजिता के फूल
हम बात कर रहे हैं अपराजिता के फूलों की, जिन्हें इंग्लिश में एशियन पिजनविंग्स (Asian Pigeonwings), बटरफ्लाई पी (Butterfly Pea) या ब्लू पी (Blue Pea) जैसे कई तरह के नामों से भी जाना जाता है। ये फूल चटख नीले, बैंगनी, गुलाबी, हल्का नीला और सफेद जैसे कई तरह के रंगों में पाए जाते हैं। कुछ मामले में क्रॉस हो जाने के कारण दो रंग वाले अपराजिता दिखते हैं।
कहा जाता है कि इसमें से नीला अपराजिता मां दुर्गा के प्रिय फूलों में से एक होता है। अपराजिता और शंखपुष्पी के फूल दिखने में एक से हैं, जिसके कारण लोग दोनों को एक ही मान समझ लेते हैं।
विजय-सौभाग्य और मंगल का प्रतीक
अपराजिता के फूलों का हिंदू धर्म ग्रंथों में वर्णन मिलता है। इसे विजय-सौभाग्य और मंगल का प्रतीक कहा गया है। ज्योतिषियों के अनुसार, इसे घर में रखने या पूजा में अर्पित करने से नेगेटिविटी दूर होती है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो नवरात्रि और विजयादशमी में इस फूल से मां की विशेष आराधना की जाती है।
अपराजिता का महत्व
ऐसी मान्यता है कि त्रेता युग में जब रावण ने मां सीता का हरण कर लिया था, तब राम जी ने अपराजिता का पूजन किया था। आज भी इस फूल को माता के आंखों के समान सुंदर और पवित्र माना जाता है।
घर के बगीचे में अपराजिता का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। नवरात्रि में इस फूल से नौ दिनों तक पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। पुराणों में अपराजिता फूलों के महत्व का विशेष उल्लेख मिलता है। यह धार्मिक दृष्टि से तो महत्वपूर्ण माना गया है। साथ ही कई तरह के रोगों को भी दूर करने में सहायक बताया गया है।
नवरात्रि में अपराजिता के फूल का पूजन करने से आपके जीवन में सुख, शांति और ऐश्वर्य का प्रवेश होता है। तो इस नवरात्रि इन फूलों से माता रानी की पूजा करके उनकी विशेष क-पा पाने का अवसर हाश से न जाने दें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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