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Navratri 2025: नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाने के नियम, महत्व और लाभ

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Sep 17, 2025 12:13 pm IST,  Updated : Sep 17, 2025 02:17 pm IST

Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि का पावन त्योहार 22 सितंबर से शुरू होने वाला है। इस दौरान भक्त अखंड ज्योति भी जलाते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योतिष जलाने के क्या नियम हैं।

Navratri Akahand Jyoti- India TV Hindi
नवरात्रि अखंड ज्योतिष Image Source : FREEPIK

Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि का त्योहार 22 सितंबर 2025 से शुरू होने वाला है। इस दौरान भक्त नौ दिनों तक माता के नौ रूपों की पूजा आराधना करते हैं। माता की भक्ति के इस पावन पर्व के दौरान कई लोग अखंड ज्योति भी जलाते हैं। अखंड ज्योति नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के दौरान जलाई जाती है और नौ दिनों तक इसे बुझने नहीं दिया जाता। ऐसे में आज हम आपको नवरात्रि के दिन अखंड ज्योति जलाने के नियमों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। 

अखंड ज्योति जलाने के नियम 

नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योति जलाना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अखंड ज्योति आपके मन और आत्मा के अंधकार को दूर करती है और साथ ही परिवार खुशियां भी आपको मिलती है। हालांकि नीचे बताए गए नियमों का पालन करते हुए ही आपको अखंड ज्योति जलानी चाहिए। 

  • अखंड ज्योति जलाने का सबसे पहला और महत्वपूर्ण नियम यह है कि नौ दिनों तक यह ज्योति बुझनी नहीं चाहिए। 
  • माता की प्रतिमा आपको ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में लगानी चाहिए। यह देवी-देवताओं की दिशा मानी जाती है।
  • आप अखंज ज्योति पीतल के पात्र में प्रज्वल्लित कर सकते हैं। हालांकि पीतल का पात्र न होने पर मिट्टी के पात्र का भी आप इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • अखंड ज्योति को किसी चौकी पर लाल या पीले कपड़े के ऊपर आपको जलाना चाहिए।
  • दीपक के नीचे आप अष्टदल बना सकते हैं गुलाल या फिर चावल, हल्दी का प्रयोग करके। 
  • दीपक की बाती आपको रक्षासूत्र यानि की कलावा से बनानी चाहिए। 
  • जिस स्थान पर आप अखंड ज्योति जलाने वाले हैं उसकी सफाई आपको ज्योत जलाने से पहले भी करनी चाहिए और उसके बाद प्रत्येक दिन साफ-सफाई का ख्याल रखना चाहिए। 
  • अखंड ज्योति को सरसों, घी या फिर तिल के तेल से जलाना चाहिए। 
  • अगर आप घी का दीपक जलाने वाले हैं तो इसे माता दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर के दाहिनी ओर रखें वहीं तेल का दीपक जलाने वाले हैं तो इसे माता दुर्गी की प्रतिमा के बाईं ओर रखें। 
  • दीपक जलाते समय आपको नीचे दीए गए मंत्र का जप करना चाहिए-

    ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कृपालिनी
    दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु‍ते।।  

अखंड ज्योतिष जलाने का महत्व और लाभ 

नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योतिष जलाने से सुख-समृद्धि आपको प्राप्त होती है। जिन घरों में नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योति जलती है उन घरों का वास्तु दोष भी दूर हो जाता है, इसके साथ ही पितरों का भी आशीर्वाद प्राप्त होता। अखंड ज्योति के सकारात्मक प्रभाव से आपके अटके कार्य बनने लगते हैं। शनि और राहु-केतु के बुरे प्रभाव से भी आप बचते हैं। दीपक की लौ आपको हमेशा पूर्व या उत्तर की ओर रखनी चाहिए। पूर्व की ओर दीपक की लौ रखने से आयु में वृद्धि होती है वहीं उत्तर की ओर रखने से धन लाभ होता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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