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Sawan Pradosh Vrat 2022: सावन के आखिरी प्रदोष व्रत के दिन ऐसे करें शंकर भगवान की पूजा, सभी दुखों को हर लेंगे महादेव

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Aug 08, 2022 08:14 pm IST,  Updated : Aug 09, 2022 09:03 pm IST

Sawan Pradosh Vrat 2022: प्रदोष व्रत को करने से महादेव आप पर खुश होंगे और आपकी हर मनोकामना पूरी करेंगे।

Pradosh Vrat 2022- India TV Hindi
Pradosh Vrat 2022 Image Source : INDIA TV

Highlights

  • प्रदोष व्रत के दिन की जाती है भोलेनाथ की पूजा
  • प्रदोष व्रत करने से कर्ज से मिलता है छुटकारा
  • भोलेनाथ भक्तों को देते हैं आशीर्वाद

Pradosh Vrat 2022: सावन का महीना शिव जी का बेहद प्रिय महीना होता है। इसिलए जो भक्त सावन के महीने में प्रदोष का व्रत रखकर भगवान शिव का विधि विधान से पूजा करते हैं उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। कल यानी 9 अगस्त को सावन माह का दूसरा और अंतिम प्रदोष व्रत है। इस दिन मंगलवार होने से ये भौम प्रदोष रहेगा। मान्यता है कि भौम प्रदोष के दौरान भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और सभी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। सावन माह के प्रदोष व्रत का महत्व बहुत ही ख़ास होता है। प्रदोष व्रत वाले दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान भोलेनाथ के भक्त व्रत रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। कहा जाता है कि इस व्रत को करने भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। प्रदोष व्रत करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। प्रदोष व्रत पवित्र हिंदू उपवासों में से एक है। यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित होता है। 

तीन प्रकार का होता है प्रदोष व्रत 

पदोष व्रत तीन प्रकार के होते हैं। सोमवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष कहा जाता है, मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष और शनिवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शनि प्रदोष कहा जाता है। इन तीनों में से सोम प्रदोष और शनि प्रदोष को ज़्यादा शुभ माना गया है।

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प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त

सावन के महीने की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 9 अगस्त को शाम 05 बजकर 45 मिनट से 10 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 07 बजकर 06 मिनट से रात 09 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।

प्रदोष व्रत पूजा विधि 

इस दिन स्नान करने के बाद भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें। उसके बाद शिव को पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करें। इस दौरान 'ओम नम: शिवाय’ या फिर महामृत्युजंय मंत्र- 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्' का जाप कर फलदायी होता है। 

यह व्रत दिलाएगा कर्ज से मुक्ति 

आपको बता दें भौम प्रदोष व्रत कर्ज मुक्ति के उपाय के लिए भी उत्तम दिन माना जाता है। इस दिन पूजन करते समय शिव जी का शहद से अभिषेक करना चाहिए और कर्ज मुक्ति के लिए इस मंत्र का कम से कम एक माला या का यथाशक्ति जप करना चाहिए। "ॐ ऋणमुक्तेश्वराय नमः शिवाय"। अतः आज का दिन कर्ज से मुक्ति पाने के लिये बहुत ही श्रेष्ठ है | भगवान शिव की पूजा करके आप कर्ज के साथ ही मंगल से जुड़ी अन्य परेशानियों से भी छुटकारा पा सकते है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इंडिया टीवी इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।

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