1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Sheetala Ashtami 2023: इस विधि के साथ करें शीतला अष्टमी की पूजा, व्रत करने वालों को मिलता है निरोग होने का आशीर्वाद

Sheetala Ashtami 2023: इस विधि के साथ करें शीतला अष्टमी की पूजा, व्रत करने वालों को मिलता है निरोग होने का आशीर्वाद

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Mar 14, 2023 07:00 am IST,  Updated : Mar 14, 2023 07:00 am IST

Sheetala Ashtami Vrat 2023: शीतला अष्टमी का व्रत रखने और पूजा करने से भक्तों को चर्म रोगों से छुटकारा मिलता है। इतना ही नहीं अपने भक्तों को माता रानी चेचक जैसी बीमारी से भी मुक्त रखती हैं।

Sheetala Ashtami 2023- India TV Hindi
Sheetala Ashtami 2023 Image Source : FILE IMAGE

Sheetala Ashtami Vrat Puja Vidhi: शीतला अष्टमी का पर्व इस साल 15 मार्च को मनाया जाएगा। इस विधि-विधान के साथ माता शीतला की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, शीतला अष्टमी का व्रत रखने और उपासना करने से माता रानी चर्म रोग, चेचर जैसी बीमारियों से भक्तों की रक्षा करती हैं। इसके साथ ही मां शीतला व्रत रखने वाले जातकों को निरोगी होने का आशीर्वाद देती हैं। आपको बता दें कि शीतला माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। मां के लिए प्रसाद शीतला सप्तमी के दिन ही तैयार कर लिया जाता है। शीतला सप्तमी 14 मार्च 2023 को पड़ रहा है। 

शीतला अष्टमी के दिन नहीं जलाया जाता है चूल्हा

शीतला माता को मुख्य रूप चावल और घी का भोग ही लगाया जाता है। मगर चावल को शीतलाष्टमी के दिन नहीं पकाया जाता है, बल्कि आज सप्तमी तिथि के दिन ही बनाकर रख लिया जाता है। मान्यता है कि शीतला अष्टमी के दिन घर का चूल्हा नहीं जलाना चाहिए और न ही घर में खाना बनाना चाहिए, इसलिए आज सप्तमी तिथि पर ही सारा खाना पका लिया जाता है। दरअसल, शीतला अष्टमी के दिन बासी खाना ही खाया जाता हैं। सप्तमी तिथि आज रात 8 बजकर 22 मिनट तक रहेगी।

शीतला अष्टमी पूजा विधि

  • शीतला अष्टमी के दिन प्रात:काल उठकर स्नान कर साफ वस्त्र पहन लें
  • इसके बाद मंदिर को साफ कर गंगाजल छिड़क शुद्ध कर लें
  • फिर माता शीतला की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं
  • फूल, अक्षत, जल और दक्षिणा लेकर व्रत का संकल्प लें
  • शीतला मां को लाल फूल, रोली, लाल फूल और अक्षत अर्पित कर धूप-दीप जलाएं
  • शीतला स्त्रोत का पाठ जरूर पढ़ें
  • इसके बाद शीताल मां की आरती करें
  • फिर सप्तमी तिथि में तैयार किए गए भोग को माता रानी को चढ़ाएं

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। । इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें-

Sheetala Ashtami 2023: 14 या 15 मार्च कब है शीतला अष्टमी व्रत? जानिए सही डेट, मुहूर्त और महत्व

Surya Gochar 2023: 15 मार्च को सूर्य कर रहे हैं मीन राशि प्रवेश, ये राशियां होंगी सबसे ज्यादा प्रभावित

Kharmas 2023: इस दिन से शुरू हो रहा है खरमास, जानिए कब तक नहीं होंगे मांगलिक कार्यक्रम

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म