1. Hindi News
  2. धर्म
  3. भगवान को भोग लगाने के भी होते हैं कुछ नियम-कायदे, बीज वाले फल चढ़ाने से पहले जान लें सही तरीका

भगवान को भोग लगाने के भी होते हैं कुछ नियम-कायदे, बीज वाले फल चढ़ाने से पहले जान लें सही तरीका

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Jul 14, 2026 04:26 pm IST,  Updated : Jul 14, 2026 04:26 pm IST

भगवान को प्रसाद चढ़ाने के भी कई नियम-कायदे बताए गए हैं। बीज वाले फल चढ़ाए जा सकते हैं, लेकिन उन्हें सही तरीके से तैयार करना जरूरी है। भोग लगाते समय स्वच्छता, तुलसी दल जैसे नियमों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। यहां जानिए इनके बारे में।

fruits offering rules to god- India TV Hindi
भगवान को फलों का भोग लगाने के भी होते हैं नियम Image Source : PINTEREST

सनातन धर्म में पूजा-पाठ के दौरान भगवान को भोग अर्पित करने की परंपरा है। कहते हैं कि श्रद्धा के साथ चढ़ाया गया भोग भगवान को प्रिय होता है। कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि बीज वाले फल भगवान को चढ़ाने चाहिए या नहीं और यदि चढ़ाएं, तो उन्हें किस तरह तैयार करना सही होता है। आइए जानते हैं भगवान को फलों का भोग लगाने से जुड़े धार्मिक नियम और जरूरी बातें

भगवान को फल चढ़ाने का सही तरीका

फलों को सात्विक और श्रेष्ठ भोग माना गया है। भगवान को हमेशा ताजे और मौसमी फल अर्पित करने चाहिए। अगर फल में बीज हों, तो उन्हें भी चढ़ाया जा सकता है, लेकिन फल ऐसे तैयार हो कि उन्हें आसानी से ग्रहण किया जा सके।

बड़े बीज वाले फल

पपीता, तरबूज, खरबूजा और आम जैसे फलों को साबुत न चढ़ाने। पहले इन्हें अच्छी तरह धो लें, फिर छीलकर बड़े और कड़े बीज निकाल दें। फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर साफ बर्तन में भगवान को अर्पित करें। यह तरीका अतिथि सत्कार की भावना का प्रतीक माना जाता है।

छोटे बीज वाले फल

सेब, चीकू, अमरूद और संतरा जैसे मीडियम और छोटे आकार के फल साबुत भी चढ़ाए जा सकते हैं। अगर इन्हें काटकर अर्पित कर रहे हैं, तो सेब का बीच वाला कठोर हिस्सा और बीज निकाल दें। संतरा या मौसंबी की फांकें अलग करके बड़े बीज हटाकर भोग लगाएं।

अनार का भोग

अनार को साबुत चढ़ाने की बजाय दाने निकालकर साफ कटोरी में अर्पित करें। अगर भोग भगवान विष्णु या उनके अवतार प्रभु श्रीराम या श्रीकृष्ण को लगाया जा रहा हो, तो उस पर तुलसी दल रखना बहुत ही शुभ होता है।

भोग लगाते समय रखें ध्यान

फल काटने के लिए साफ और अलग चाकू का उपयोग करें। जिससे प्याज, लहसुन या अन्य तामसिक चीजें काटी जाती हैं, उस चाकू से भोग के फल नहीं काटने चाहिए। वहीं भगवान शिव और श्रीगणेश के भोग में तुलसी अर्पित नहीं की जाती।

प्रसाद समय पर बांटें

कटे हुए फल लंबे समय तक खुले में रखने से उनकी ताजगी कम हो जाती है। इसलिए भोग लगाने के कुछ मिनट बाद प्रार्थना कर प्रसाद को परिवार में बांट दें। मान्यता है कि भगवान भोग की भव्यता से अधिक भक्त की श्रद्धा, प्रेम और पवित्र भाव को स्वीकार करते हैं।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

ये भी पढ़ें: ऑफिस डेस्क पर रखें ये 2 चीजें, वास्तु के अनुसार दूर भागेगी हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा और खुलेंगे तरक्की के रास्ते

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।