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क्या होता है नाड़ी दोष? वर-वधु की कुंडली में इसका होना वैवाहिक जीवन के लिए क्यों है खराब, जानें

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jun 12, 2024 04:33 pm IST,  Updated : Jun 12, 2024 04:33 pm IST

कुंडली मिलान में नाड़ी दोष को सबसे महत्वपूर्ण पक्ष माना जाता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि, नाड़ी दोष होता क्या है और वैवाहिक जीवन पर इसका क्या प्रभाव देखने को मिलता है।

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Nadi Dosh Image Source : FREEPIK

हिंदू धर्म में शादी से पहले कुंडली मिलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। माना जाता है कि अगर कुंडली मिलान सही से हो जाए तो वर-वधु का वैवाहिक जीवन सुखद रहता है। कुंडली मिलान करते समय कई पक्षों पर नजर डाला जाता है, और इनमें सबसे महत्वपूर्ण पक्ष होता है नाड़ी दोष। आज हम आपको नाड़ी दोष के बारे में ही विस्तार से जानकारी देंगे, हम आपको बताएंगे कि ये क्या होता है और नाड़ी दोष होने की वजह से क्या दिक्कतें वैवाहिक जीवन में आ सकती हैं। 

नाड़ी दोष क्या होता है? 

जब कुंडली मिलाई जाती है तो 8 अलग-अलग पक्षों पर विचार किया जाता है। जो इस तरह हैं- वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण , भकूट और नाड़ी। इन सभी में सबसे महत्वपूर्ण नाड़ी पर विचार करना होता, नाड़ी के सबसे अधिक 8 अंक होते हैं। नाड़ी भी 3 प्रकार की होती हैं- आदि, मध्य और अन्त्य। माना जाता है कि अगर वर-वधु दोनों की ही कुंडली में नाड़ी एक ही हो तो नाड़ी दोष उत्पन्न हो जाता है। इसकी वजह से दांपत्य जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि कुछ विशेष स्थितियों में, समान नाड़ी होने पर भी नाड़ी दोष उत्पन्न नहीं होता, इसके बारे में नीचे बताया गया है। 

  1. अगर वर-वधु की नाड़ी समान हो लेकिन दोनों का जन्म एक ही नक्षत्र के अलग-अलग चरणों में हुआ हो तो नाड़ी दोष नहीं माना जाता। 
  2. वर-वधु की जन्म राशि एक हो और नक्षत्र अलग तब भी नाड़ी दोष प्रभावी नहीं होता। 
  3. दोनों एक ही नक्षत्र में पैदा हुए हों लेकिन राशियां अलग-अलग हों, तब भी नाड़ी दोष नहीं माना जाता। 

नाड़ी दोष क्यों है वैवाहिक जीवन के लिए खराब?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नाड़ी दोष वर-वधु की सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता। इसकी वजह से बार-बार स्वास्थ्य खराब हो सकता है। अंतरंग संबंधों पर भी नाड़ी दोष का बुरा प्रभाव देखने को मिलता है। अगर किसी दंपत्ति की कुंडली में नाड़ी दोष है तो गर्भ धारण में भी दिक्कतें उनको आ सकती हैं, इसके साथ ही बच्चे में भी कुछ असमानताएं देखने को मिल सकती हैं। नाड़ी दोष का बुरा प्रभाव जोड़ों के बीच कई तरह के मतभेद पैदा करने वाला भी माना जाता है। ज्योतिष जानकारों की मानें तो नाड़ी दोष के कारण असमय मृत्यु भी हो सकती है। इन्हीं चीजों की वजह से नाड़ी दोष होने की स्थिति में शादी करने से मना किया जाता है। हालांकि कुछ उपाय करके नाड़ी दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है। आइए अब इन उपायों के बारे में जानते हैं। 

नाड़ी दोष उपाय 

  • नाड़ी दोष के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। 
  • महामृत्युंजय मंत्र का जप नाड़ी दोष के बुरे प्रभावों को कम कर सकता है। 
  • अगर आप अपने वजन के बराबर अन्न का दान करते हैं, तो माना जाता है कि नाड़ी दोष दूर हो जाता है। 
  • जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े, अनाज का दान करने से भी नाड़ी दोष का प्रभाव कम होता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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