लंदन: एमसीसी की विश्व क्रिकेट समिति जिसमें पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली भी शामिल हैं, का मानना है कि आईसीसी का वनडे विश्व कप को दस टीमों तक सीमित करने का फैसला पीछे हटने वाला कदम है और इससे इस खेल को ओलंपिक में जगह बनाने में दिक्कत आएगी।
समिति की 13 और 14 जुलाई को लाड्र्स में बैठक हुई। यह समिति के नये सदस्यों गांगुली, रिकी पोंटिंग और रमीज राजा की पहली जबकि निवर्तमान सदस्यों राहुल द्रविड़ और स्टीव बकनर की आखिरी बैठक थी।
समिति ने बैठक के बाद बयान में कहा, आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 12 टीमों का टूर्नामेंट होना चाहिए। समिति का मानना है कि 2019 और 2023 में दस टीमों के आईसीसी क्रिकेट विश्व कप का आयोजन प्रतिगामी कदम है और और इससे क्रिकेट की विकासशील देशों में संभावित वृद्धि को नुकसान पहुंचेगा।
बयान के अनुसार, समिति ने आईसीसी बोर्ड से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और ऐसा निर्णय करने की अपील की है जो वैश्विक खेल के सर्वश्रेष्ठ हित में हो। ऐसा अगले 12 महीनों में किये जाने की जरूरत है ताकि क्रिकेट को 2024 ओलंपिक खेलों में शामिल करने का मौका बने रहे।
इसमें आगे कहा गया है, निचली रैंकिंग की पूर्णकालिक टीमों और शीर्ष एसोसिएट देशों के बीच प्रारंभिक चरण का क्वालीफिकेशन दौर आयोजित किया जा सकता है। इससे टूर्नामेंट लंबा खिंचेगा और अधिक से अधिक टीमों को इस खेल की 50 ओवर की सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। समिति फिर आईसीसी से कहती है कि वह टीमों की संख्या केवल दस तक सीमित करने के फैसले पर पुनर्विचार करे।