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मेरे इस्तीफे को डीडीसीए में खतरे की घंटी की तरह देखा जाना चाहिए: रजत शर्मा

 Reported By: Bhasha
 Published : Nov 16, 2019 08:47 pm IST,  Updated : Nov 16, 2019 11:39 pm IST

इंडिया टी.वी. के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने शनिवार को दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया।

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मेरे इस्तीफे को डीडीसीए में खतरे की घंटी की तरह देखा जाना चाहिए: रजत शर्मा Image Source : INDIA TV

इंडिया टी.वी. के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने शनिवार को दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देने के बाद उम्मीद जतायी कि इस कदम से संघ के हितधारकों को चेतावनी मिलेगी। रजत शर्मा पिछले साल जुलाई में डीडीसीए के अध्यक्ष बने थे।

उन्होंने कहा कि उन्होंने इस विवादित संघ को पारदर्शी तरीके से चलाने की पूरी कोशिश की। इंडिया टी.वी. के चेयरमैन रजत शर्मा ने कहा, ‘‘मैं इस इस्तीफे से डीडीसीए के असली चेहरे को उजागर करना चाहता था। आज भी डीडीसीए में ऐसे लोग जुड़े हैं जिनकी दिलचस्पी अंतरराष्ट्रीय मैचों से पहले अनुबंध और निविदाओं को हासिल करने में रहती है। वे खिलाड़ियों के चयन में भी दखलअंदाजी करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसे (इस्तीफे को) खतरे की घंटी की तरह देखा जाना चाहिए ताकि उच्चतम न्यायालय, क्रिकेटरों और बीसीसीआई सहित सभी हितधारकों को पता चले कि इस तरह के निहित स्वार्थ से जुड़े लोग डीडीसीए में है। अब उन्हें (उच्चतम न्यायालय, क्रिकेटरों और बीसीसीआई) भविष्य की कार्रवाई तय करनी चाहिए।’’

उन्होंने आगे कहा, "मैं आराम से अपने कार्यकाल के बचे हुए अगले दो साल तक पद पर बना रह सकता था। लेकिन मुझे लगा कि लोगों को इससे अवगत कराना चाहिए। मैं अगर आज इस्तीफा नहीं देता, तो यह सदस्यों के साथ अन्याय होता।"

रजत शर्मा के अलावा डीडीसीए के सीईओ रविकांत चोपड़ा और क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के दो सदस्य सुनील वाल्सन और यशपाल शर्मा ने भी अपने पद से  इस्तीफा दे दिया। रजत शर्मा ने कहा, "हमने डेढ़ साल तक अपनी पूरी कोशिश की। हमने क्रिकेटरों से किए अपने वादों को पूरा किया और पेशेवरों को एसोसिएशन (सीईओ, सीएफओ जीएम संचालन) चलाने के लिए दिया।"

रजत शर्मा ने कहा, "हमने एक प्रणाली बनाई लेकिन कुछ चीजें हैं जो प्रणालियों और पारदर्शिता से परे हैं। यह हर दिन के हिसाब से कठिन होता जा रहा था।" इस्तीफे के बाद रजत शर्मा अब राहत महसूस कर रहे हैं।

इंडिया टी.वी. के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ ने कहा, "मुझे राहत मिली क्योंकि मेरी भूमिका एक प्रहरी की बन गई थी। अगर कोई गलत काम कर रहा है या भ्रष्टाचार में शामिल है तो मुझे रोजाना निगरानी रखने की जरुरत होती थी। अब राहत है, लेकिन मैं चिंतित भी हूं और अब यह देखना चाहता हूं कि बीसीसीआई और सुप्रीम कोर्ट इन लोगों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।”

रजत शर्मा अब डीडीसीए का हिस्सा नहीं हैं लेकिन उन्हें लगता है कि वह सिस्टम के बाहर रह कर बहुत कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैं सिस्टम के बाहर रहते हुए डीडीसीए के लिए बेहतर काम कर सकता हूं। मैं 35 साल से सार्वजनिक जीवन में हूं, मेरे पास एक आवाज है और मैं जो कहता हूं लोग उस पर ध्यान देते हैं। मुझे यकीन है कि मेरी आवाज सुनी जाएगी और असर डालेगी। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि डीडीसीए के सदस्य की शक्ति अध्यक्ष की शक्ति से अधिक है।"

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