1. Hindi News
  2. खेल
  3. क्रिकेट
  4. खिलाड़ी कभी उसके कप्तान से बड़ा नहीं होता, हम सबको सौरव गांगुली ने बनाया है: वीरेंद्र सहवाग

खिलाड़ी कभी उसके कप्तान से बड़ा नहीं होता, हम सबको सौरव गांगुली ने बनाया है: वीरेंद्र सहवाग

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Jul 01, 2018 07:14 pm IST,  Updated : Jul 01, 2018 07:15 pm IST

वीरेंद्र सहवाग ने सबसे बड़ी बात कही अपने कप्तान सौरव गांगुली के बारे में, वीरू ने कहा एक खिलाड़ी कभी भी उसके कप्तान से बड़ा नहीं होता और हम सभी को सौरव गांगुली ने बनाया है।

सौरव गांगुली और...- India TV Hindi
सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग

भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की टी20 और वनडे सीरीज के बात 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। इस सीरीज भारतीय टीम के लिए बेहद अहम रहेगी। क्योंकि इस सीरीज में विराट कोहली के साथ-साथ टीम इंडिया की कड़ी परीक्षा होगी। भारतीय टीम को पिछली बार इंग्लैंड दौरे पर बुरी तरह हार झेलनी पड़ी थी और में टीम इंडिया का इरादा इस बार पलटवार करने का होगा। इंडिया टीवी के साथ खास बातचीत में वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली ने कई मुद्दों पर चर्चा की। 

वैसे शो की शुरुआत में ही वीरेंद्र सहवाग ने सबसे बड़ी बात कही अपने कप्तान सौरव गांगुली के बारे में, वीरू ने कहा एक खिलाड़ी कभी भी उसके कप्तान से बड़ा नहीं होता और हम सभी को सौरव गांगुली ने बनाया है। गौरतलब है कि साल 2000 में जब टीम इंडिया बदलाव के दौर से गुजर रही थी तब गांगुली ने युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह मोहम्मद कैफ जैसे खिलाड़ियों को मौका देकर उनके करियर में अहम रोल निभाया। 

वीरू से जब टेस्ट मैचों में भारत की चुनौती के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैं कभी 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं रहा। दादा (सौरव गांगुली) रहे होंगे। 4 मेरे लिए काफी थीं। 5 मैचों की सीरीज से खिलाड़ियों की फिटनेस का टेस्ट होता है। बतौर गेंदबाज अगर आप मैचों की सीरीज खेल रहे हैं तो ये एक बड़ी चुनौती है। भारतीय टीम के लिए 5 मचों की टेस्ट सीरीज अग्निपरीक्षा रहेगी। इसके अगर आप सीरीज में 0-2 से पिछड़ रहे होंते हैं तो इसमें आपके पास वापसी का भी मौका होता है और वापसी के लिए आपके पास 3 मैच होते हैं।'

सौरव गांगुली ने कहा, 'टेस्ट सीरीज से पहले भारत को सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी है। मेरा मानना है कि जो खिलाड़ी फॉर्म में हो और अच्छा खेले उसे टीम में जगह दी जानी चाहिए। आप हाल ही में इंग्लैंड से बुरी तरह हारने वाली ऑस्ट्रेलिया टीम को देख लो। उनके पास मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, पैट कमिंस जैसे गेंदबाज थे। लेकिन उन्होंने वनडे सीरीज में उन्हों नहीं खिलाया और नतीजा सबके सामने है। ग्लेन मैक्ग्रा दोनों फॉर्मेट खेलते थे। वसीम अकरम और शॉन पोलक भी दोनों फॉर्मेट खेलते थे। ये जो नया चलन चल गया है कि तीनों फॉर्मेट के खिलाड़ी अलग होंगे, मैं इससे सहमत नहीं हूं। आप बड़ी सीरीज खेल रहे हैं और जो खिलाड़ी फॉर्म में है उसे मौका देना चाहिए। मेरा मानना है कि 5 टेस्ट ज्यादा हैं और बतौर गेंदबाज ये काफी थकाने जैसा है। लेकिन आपको इस मानसिकता के साथ नहीं उतरना चाहिए 2-3 मैच के बाद इसे रेस्ट दूंगा।'

Latest Cricket News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Cricket से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें खेल