अश्विन का नाम आते ही टीम इंडिया के ऑफ़ स्पिनर आर. अश्विन का नाम ज़हन में आ जाता है लेकिन एक और अश्विन हो जो इस अश्विन के साथ इस बार IPL में एक ही टीम से खेल रहा है। ये हैं मुरुगन अश्विन जिसे इस साल नीलामी में नयी टीम पुणे ने 4.5 करोड़ में ख़रीदा है। उनका बेस प्राइस 10 लाक रुपये था। आइये जानते हैं इन दो अश्विनों में क्या समानताएं है।
जब से मुरुगन अश्विन क्रिकेट की दुनिया में उभरे हैं तब से लोग क़यास लगा रहे है कि क्या रविचंद्रन अश्विन और मुरुगन अश्विन का कोई संबंध है...? हां कुछ हद तक तो है। मुरुगन चेन्नई में उसी कॉलेज से पढ़े हैं जहां से अशविन पढ़ें हैं। रवि अश्विन ऑफ़ स्पिन करते हैं जबकि मुरुगन लेग स्पिन करते हैं।
दोनों अश्विन जिगरी दोस्त हैं
एम. अश्विन और आर. अश्विन दोनों जिगरी दोस्त हैं। रवि अश्विन मुरुगन की बॉलिंग के मुरीद भी हैं। यही नहीं जब पुणे ने मुरुगन को ख़रीदा तो अश्विन ने ख़ुशी का इज़हार भी किया।
पहले मैच की सीनियर अश्विन के साथ बॉलिंग
मुरुगन ने IPL के पहले मैच में मुंबई के ख़िलाफ़ गेदंबाज़ी की और चार ओवर में 16 रन देकर एक विकेट भी लिया। रवि अश्विन ने भी इस मैच में बॉलिंग की थी और एक विकेट लिया था हालंकि उन्होंने सिर्फ़ एक ही ओवर किया था।
मुरुगन ने इसके पहले विजय हज़ारे ट्राफ़ी में 2016 में अश्विन के सात बॉलिंग की थी और 7.2 ओवर में 38 रन देकर तीन विकेट लिए थे।
खेलने का स्टाइल
मुरुगन लेग ब्रेक करते हैं और बीच में गुगली भी मार देते हैं जिसने उन्हें सय्यद मुश्ताक़ अली ट्राफ़ी में काफी विकेट दिलवाए थे। उधर अश्विन ऑफ ब्रेक करते हैं और कैरम बॉल उनका मुख्य हथियार है जो अब तक काफी सफल रही है।
प्रथम श्रेणी में डेब्यू
मुरुगन ने 2012 में तमिनलाडु के लिए उड़ीसा के ख़िलाफ़ प्रथम श्रेणी में डेब्यू किया था। वैसे फर्स्ट क्लास और लिस्ट ए क्रिकेट में मुरुगन के आंकड़ों को देखकर उनकी प्रतिभा का पता नहीं चलता। तीन फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने सिर्फ तीन विकेट लिए हैं। लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने दो मैचों में तीन विकेट लिए हैं।
तो कैसे बिक गए मुरुगन करोड़ों में?
मुरुगन का डोमेस्टिक करिअर तो कुछ ख़ास नहीं रहा लेकिन वह सय्यद मुश्ताक़ अली ट्राफडी से सुर्ख़ियों में आए। उन्होंने इस प्रतियोगिता में 6 मैचों में दस विकेट लिए थे और प्रति ओवर 6 से कम रन दिए थे। इसी वजह से IPL की नीलामी में उनकी मांग बढ़ गई।