Iran Violent Protests: ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं और हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुए इन प्रदर्शनों में राजधानी तेहरान में 200 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। एक डॉक्टर ने नाम ना बताने की शर्त पर टाइम मैगजीन से यह बात कही है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं को बंद कर दिया है, जिससे देश लगभग पूरी तरह से सूचना के संपर्क से कट गया है। न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी-इजेई ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और उन्हें निर्णायक एवं अधिकतम सजा दी जाएगी।
ईरान की सड़कों पर हजारों की संख्या में उतरे प्रदर्शनकारी सरकार के विरोध में नारे लगा रहे हैं। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने तेहरान में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के "हाथ ईरानियों के खून से सने हुए हैं" और प्रदर्शनकारी अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया ने प्रदर्शनकारियों को 'आतंकवादी' और 'विदेशी ताकतों का एजेंट' करार दिया है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाता है तो अमेरिका भी ऐसा ही करेगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब जमीन पर सैनिक भेजना नहीं होगा, बल्कि 'दुश्मन को सबसे अधिक असरदार जगह पर जोरदार हमला' किया जाएगा। ट्रंप ने ईरानी नेताओं से कहा, "गोलियां चलाना शुरू मत करना, वरना हम भी करेंगे।"
वेनेजुएला पर हालिया अमेरिकी कार्रवाई के बाद ट्रंप की चेतावनी को ईरान काफी गंभीरता से ले रहा है। माना जा रहा है कि ईरान की सरकार पिछले कुछ वर्षों की तरह इन प्रदर्शनों को भी हिंसा के बल पर दबा सकती है। जबकि, प्रदर्शनकारी अब केवल आर्थिक सुधार नहीं बल्कि शासन परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। ईरान की मौजूदा स्थिति पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
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