1. Hindi News
  2. खेल
  3. क्रिकेट
  4. सचिन तेंदुलकर ने की DRS में इस बदलाव की मांग, वीडियो के जरिए समझाई अपनी बात

सचिन तेंदुलकर ने की DRS में इस बदलाव की मांग, वीडियो के जरिए समझाई अपनी बात

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Jul 12, 2020 01:17 pm IST,  Updated : Jul 12, 2020 01:17 pm IST

DRS पर बात करते हुए सचिन का कहना है कि अगर हमें इस तकनीक का इस्तेमाल करना ही है तो इसे पूर्ण रूप से करें, इसमें अंपायर्स कॉल जैसा कुछ ना हो।

Sachin Tendulkar demands this change in DRS, explained his point through video- India TV Hindi
Sachin Tendulkar demands this change in DRS, explained his point through video Image Source : GETTY IMAGES

क्रिकेट के मैदान पर डीआरएस को लेकर अकसर बहस चलती रहती है। कई दिग्गज इस प्रणाली से के पक्ष में दिखाई देते हैं तो कई दिग्गजों का कहना है कि फैसला तकनीक से नहीं बल्कि मैदान पर खड़े अंपायर को ही लेना चाहिए। लेकिन क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने इस नियम पर अपनी राय दी है। सचिन का कहना है कि अगर हमें इस तकनीक का इस्तेमाल करना ही है तो इसे पूर्ण रूप से करें, इसमें अंपायर्स कॉल जैसा कुछ ना हो।

बता दें, DRS का इस्तेमाल खिलाड़ी तब करता है जब वह मैदान पर खड़े अंपायर के फैसले से सहमत नहीं होता। डीआरएस के अनुसार जब कोई गेंद विकेट को थोड़ा सा छूकर जाती है तो वो अंपायर्स कॉल करार दिया जाता है। मतलब यह कि खिलाड़ियों द्वारा डीआरएस लेने से पहले अंपायर ने जो मैदान पर फैसला सुनाया है वहीं आखिरी फैसला होगा।

लेकिन सचिन का कहना कुछ अगल है। सचिन ने हाल ही में अपने ट्विटर अकाउंट पर वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ब्रायन लारा के साथ एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो आईसीसी के इस नियम पर बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

ये भी पढ़ें - जब गौतम गंभीर ने MS Dhoni के साथ जमीन पर सोकर बिताई थी रात, याद किए वो पुराने पल

सचिन ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा "स्टंप पर गेंद का कितना प्रतिशत हिस्सा लग रहा है ये मायने नहीं रखा, अगर डीआरएस हमें दिखा रहा है कि गेंद स्टंप को लगी है तो मैदान पर लिए गए फैसले की परवाह किए बिना इसे आउट ही देना चाहिए। क्रिकेट में तकनीक के इस्तेमाल का यही मकसद है। जैसा कि हम जानते हैं कि तकनीक 100% सही नहीं है लेकिन मनुष्य भी नहीं हैं।"

सचिन ने वीडियो में कहा ''जब टीम मैदान पर खड़े अंपायर से नाखुश होती है, तभी वह तीसरे अंपायर के पास जाती है। इसके बाद टेक्नोलॉजी पर भरोसा करना चाहिए। दोनों के बीच में कुछ नहीं होना चाहिए। जैसा कि टेनिस में होता है या तो गेंद अंदर  होती है या लाइन के बाहर। जब एक बार आपने तकनीक के इस्तेमाल का निर्णय कर लिया तो आपको उस पर भरोसा करना चाहिए।''

Latest Cricket News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Cricket से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें खेल