कराची: भारत और पाकिस्तान के बीच इस महीने प्रस्तावित द्विपक्षीय श्रृंखला को स्वीकृति देने में भारत के विलंब के बावजूद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने पीसीबी को सलाह दी है कि वह अगले साल मार्च-अप्रैल में भारत में विश्व टी20 के बहिष्कार के बारे में नहीं सोचे। अकरम ने यहां एक समारोह में कहा, मैंने महसूस किया है कि भारतीय पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय श्रृंखला पर फैसला करने में काफी समय ले रहे हैं लेकिन अगर यह अभी नहीं होगी तो भी यह जल्द होगी। इस पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, लेकिन हां, मुझे लगता है भारतीय बोर्ड को भी स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि वे खेलना चाहते हैं या नहीं और इस मुद्दे को खत्म करना चाहिए।
अकरम ने हालांकि कहा कि पाकिस्तान को किसी भी कारण से विश्व टी20 के बहिष्कार के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, विश्व टी20 आईसीसी की प्रतियोगिता है और हमें किसी भी कीमत पर इसमें खेलना चाहिए। अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो दीर्घकाल में हमें नुकसान होगा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख शहरयार खान ने कहा था कि पीसीबी विश्व टी20 के लिए अपनी टीम को भारत भेजने पर फैसला करने से पहले सरकार से सुरक्षा स्वीकृति मांगेगा। अकरम ने कहा, विश्व टी20 में नहीं खेलने से हमारे खिलाडि़यों और हमारी क्रिकेट पर ही असर पड़ेगा। अगर भारत हमारे साथ नहीं खेलना चाहता तो कोई समस्या नहीं है, हम भी उनसे खेले बिना रह सकते हैं। लेकिन हम खेले या नहीं खेले इससे आतंकवाद की समस्या खत्म नहीं होगी।
बायें हाथ के इस पूर्व महान तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्हें हमेशा भारत में वैसा ही प्यार और सम्मान मिला जैसा पाकिस्तान के लोग हमेशा सचिन तेंदुलकर को देते हैं। उन्हौंने कहा, अगर हम द्विपक्षीय क्रिकेट खेलते हैं तो यह दोनों देशों के लिए अच्छा होगा। अकरम ने साथ ही सीनियर बल्लेबाज यूनिस खान और राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच वकार यूनिस ने अपील की कि वे बैठकर अपने मतभेद सुलझाएं। यूनिस खान ने भी कराची में एक समारोह में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय श्रृंखला को कैलेंडर में स्थाई जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, अगर हम अब खेलते हैं तो यह स्थायी रूप से होना चाहिए और प्रयास किए जाने चाहिए कि नियमित मुकाबले हों।