चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के हाथों 180 रन से करारी शिकस्त का ज़ख़्म अभी भरा नही है और इसकी टीस रह रहकर उठती है लेकिन अब इस टीस को ख़त्म करने का मौक़ा मिल गया है। चैंपियंस ट्रॉफ़ी में भारत और पाकिस्तान दो बार भिड़े थे। पहले लीग मैच में भारत ने जहां पाकिस्तान को बुरी तरह हराया था वहीं फ़ाइनल में पाकिस्तान ने भारत को करारी शिकस्त दी थी।
लेकिन भारत-पाकिस्तान आज एक बार फिर आमने-सामने होंगे। दोनों टीमें इंग्लैंड के ही मैदान में एक दूसरे के खिलाफ खेलेंगे लेकिन फर्क बस इतना होगा कि इस बार मुकाबला भारत और पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीमों के बीच का होगा।
टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेजबान इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज को हराया है। दूसरी ओर पाकिस्तान अपने दोनों मैच इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका से हार चुकी है और वह पॉइंट्स टेबल में आठवें और अंतिम स्थान पर है। मिताली राज की कप्तानी में भारत जीत की हैट-ट्रिक बनाने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। वनडे मैचों में भारतीय टीम को पाकिस्तान टीम आज तक हरा नहीं सकी है।
झूलन का फॉर्म चिंता का विषय
वनडे मैचों में रेकॉर्ड 185 विकेट लेने वाली भारत की पेसर झूलन गोस्वामी का फॉर्म चिंता का विषय है। 2 मैचों में वह एक भी विकेट नहीं ले सकी हैं। उन्होंने 13 ओवर्स डाले हैं और 5.84 रन प्रति ओवर के हिसाब से 76 रन दिए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ 7 वनडे मैचों में झूलन ने 8 विकेट झटके हैं। उनका इकॉनमी रेट 3.02 रन प्रति ओवर रहा है। उम्मीद है वह इस एशियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अपने पुराने रेकॉर्ड से प्रेरणा लेकर बढ़िया प्रदर्शन करने में सफल रहेंगी।
मंधाना पर टिकी हैं उम्मीदें
वैसे तो मिताली राज की कप्तानी में भारतीय महिला टीम काफी मजबूत है। उनका बेहद शांत मिजाज है भारतीय टीम पर मनोवैज्ञानिक दबाव नहीं आने देता। हालांकि, उनको भी विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया की तरह अतिआत्मविश्वास से बचना होगा। अन्यथा अपना दिन होने पर पाकिस्तानी टीम एक बार फिर उलटफेर कर सकती है जैसा कि उसने 2016 वर्ल्ड T-20 में किया था। तब भारत को पाकिस्तान ने डकवर्थ लुइस मेथड से 2 रन से हराया था। भारत के पास मिताली राज, झूलन गोस्वामी, हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना जैसी वर्ल्ड क्लास प्लेयर्स हैं, जो भारत को इस मैच में जीत दिला सकती हैं। 20 वर्ष की स्मृति मंधाना तो 2 मैचों में 90 और 106* का स्कोर बना चुकी हैं और मौजूदा टूर्नमेंट में अब तक सबसे अधिक रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं।
नाहिदा, आयशा से उम्मीदें
पाकिस्तान के खिलाड़ियों को पहले मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तो पूरे 50 ओवर्स खेलने को मिले थे। वहीं, दूसरे मैच में इंग्लैंड के खिलाफ टीम को 29.2 ओवर्स तक ही बैटिंग करने का चांस मिला क्योंकि बारिश आ गई थी। बारिश के कारण मैच के विनर का फैसला डकवर्थ लुइस नियम से हुआ जिसमें बाजी इंग्लैंड ने मारी।