ज़िंबाब्वे में 11 जून से शुरु हो रही सीरीज़ के लिए टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली, सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और शिखर धवन को आराम दिया जा सकता है लेकिन वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं है।
टीम इंडिया को इस दौरे पर तीन वनडे और दो टी-20 मैच खेलने हैं। बीसीसीआई के शीर्ष सूत्रों के अनुसार विराट और रोहित को आराम देना लगभग तय है क्योंकि वे पिछले छह महीनों से लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्हें आराम इसलिए भी दिया जा सकता है ताकि वे वेस्टइंडीज दौरे के लिए तरोताज़ा हो सकें। इसके अलावा शिखर धवन के भी जिम्बाब्वे दौरे पर जाने की संभावना कम है।
लगातार खेल रहे हैं कोहली
कोहली पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ अक्टूबर में घरेलू सीरीज़ के बाद हर मैच खेले हैं। उन्होंने इस बीच चार टेस्ट, 10 वनडे और 15 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले और। वह आईपीएल में भी खेल रहे हैं।
भारत का इस सीज़न में टेस्ट कार्यक्रम काफी टाइट है। ऐसे में कोहली को विदेशी सरज़मीं पर चार टेस्ट सहित कुल 17 मैचों में टीम की अगुवाई करनी पड़ सकती है। इस लिहाज़ से भी भारत के नंबर-एक बल्लेबाज़ कोहली को शारीरिक और मानसिक रुप से तैयार रहने के लिए समय चाहिए।
रोहित भी दो टेस्ट मैचों को छोड़कर लगातार खेल रहे हैं। धोनी जिम्बाब्वे में टीम की अगुवाई करेंगे या नहीं इसको लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं हुई है क्योंकि वह भी पिछले कुछ समय से लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। अगर धोनी जिम्बाब्वे दौरे पर नहीं जाते हैं और बीसीसीआई बीच में कोई सीमित ओवरों की सीरीज का आयोजन नहीं करता है तो फिर उन्हें 2016 में खेलने का बहुत कम मौका मिलेगा।
धोनी की जगह रहाणे कर सकते हैं टीम की अगुवाई
अगर धोनी ज़िंबाब्वे नहीं जाते हैं तो पिछले साल की तरह अंजिक्य रहाणे ही जिम्बाब्वे में युवा टीम की अगुवाई करेंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल को सौंपी जा सकती है जो आईपीएल में अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं। संदीप पाटिल की अगुवाई वाली चयनसमिति दिल्ली के प्रतिभाशाली विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत को शामिल करती है या नहीं ये देखने वाली बात होगी।
इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर
ज़िंबाब्वे-दौरे के बाद भारत को इस साल टेस्ट मैच ही खेलने हैं। मोहम्मद शमी और मोहित शर्मा दोनों ने ही चोट से वापसी की है और उन्हें मुख्य गेंदबाज की भूमिका निभानी पड़ सकती है। रविंद्र जडेजा के साथ हरभजन सिंह और अमित मिश्रा मुख्य स्पिनर हो सकते हैं जबकि आईपीएल में प्रभावी प्रदर्शन करने वाले कुणाल पांड्या को भी टीम में जगह मिल सकती है। उनके भाई हार्दिक के लिए अपना स्थान बचाए रखना हालांकि आसान नहीं होगा। हार्दिक मुंबई इंडियन्स की प्लेइंग इलेवन में भी जगह बनाने के लिए जूझ रहे हैं।