विमेंस प्रीमियर लीग के चौथे सीजन में अजीबोगरीब चीजें मैदान पर देखने को मिल रही हैं, जिसमें 7वें लीग मुकाबले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। दिल्ली कैपिटल्स और यूपी वॉरियर्स की महिला टीम के बीच में खेले गए मुकाबले में हरलीन देओल को जब अचानक रिटायर्ड आउट करने का फैसला लिया गया तो ये काफी चौंकाने वाला रहा। इस मैच में हरलीन देओल जो यूपी वॉरियर्स की स्क्वाड का हिस्सा हैं वह 36 गेंदों में 47 रन बनाकर जब बल्लेबाजी कर रही थी तो उसी समय यूपी वॉरियर्स के हेड कोच अभिषेक नायर ने उन्हें अचानक डग आउट से वापस बुलाने का इशारा किया। उनके पवेलियन लौटने के साथ यूपी वॉरियर्स की पारी अचानक लड़खड़ा गई और टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर्स में 8 विकेट के नुकसान पर 154 रनों के स्कोर तक ही पहुंचने में कामयाब हो सकी।
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में यूपी वॉरियर्स की टीम को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला, टीम एक 17 ओवर्स तक तीन विकेट के नुकसान पर 141 रनों का स्कोर बना चुकी थी। इसी दौरान यूपी के हेड कोच अभिषेक नायर ने हरलीन देओल को वापस बुलाने का इशारा कर दिया जिससे रनगति को तेज करने के लिए किसी दूसरे बल्लेबाज को भेजा जा सके। उनका ये फैसला पूरी तरह से गलत साबित हुआ और यूपी वॉरियर्स की टीम 20 ओवर्स में सिर्फ 154 रनों तक ही पहुंचने में कामयाब हो सकी। हरलीन देओल को जब रिटायर्ड आउट किया गया तो वह भी इस फैसले को लेकर साफतौर पर हैरान दिखाई दी लेकिन अंत में उन्हें डगआउट में वापस लौटना पड़ा। हरलीन ने अपनी 47 रनों की पारी के दौरान 7 चौके लगाए थे।
यूपी वॉरियर्स टीम के हेड कोच अभिषेक नायर के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा देखने को मिली, जिसमें फैंस की तरफ से उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। यूपी वॉरियर्स की टीम को इस मैच में 7 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा, जिसमें वह अभी तक इस सीजन एक भी मुकाबला जीतने में कामयाब नहीं हो सकी हैं।
हरलीन देओल को रिटायर्ड आउट किए जाने के फैसले को लेकर मैच खत्म होने के बाद जब यूपी वॉरियर्स टीम की कप्तान मेग लैनिंग से इसको लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आप जानते हैं, क्लो ट्रायन बड़े शॉट आसानी से लगा सकती हैं। हमें लगा कि हम इसका जितना हो सके उतना फायदा उठाना चाहते थे। हरलीन ने बहुत अच्छा खेला, लेकिन बैटिंग करना मुश्किल होता जा रहा था और मुझे लगता है वह आखिर में थोड़ी फंस गईं थी, जैसा कि मेरे साथ भी हुआ। इसलिए हम टीम के लिए जो सबसे अच्छा होता है उसके आधार पर फैसला लेते हैं। आज हमारे लिए यह काम नहीं किया लेकिन कभी-कभी यह काम करता है कभी-कभी नहीं। लेकिन इसके पीछे निश्चित रूप से कोई वजह थी।
ये भी पढ़ें
संपादक की पसंद