IPL 2026 शुरू होने से ठीक पहले एक बार फिर इंपैक्ट प्लेयर रूल चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस नियम ने 2023 में लागू होने के बाद से ही क्रिकेट जगत को दो हिस्सों में बांट दिया था और अब ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्यादातर कप्तानों ने इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
मुंबई में हुई सभी 10 IPL टीमों के कप्तानों की बैठक में इस मुद्दे पर खुलकर बात की। PTI को एक सूत्र ने बताया कि ज्यादातर कप्तानों ने इंपैक्ट प्लेयर नियम पर अपनी राय दी और अपनी आपत्तियां जताईं, भले ही BCCI ने इस नियम को 2027 तक बढ़ा दिया है। उन्हें बताया गया कि इस नियम की समीक्षा 2027 संस्करण के बाद ही हो सकती है, उससे पहले नहीं। इंडियन प्रीमियर लीग में इस नियम को 2024 में 2027 तक के लिए बढ़ा दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ियों और फैंस के बीच बहस लगातार जारी है। कई क्रिकेटर्स मानते हैं कि यह नियम खेल के संतुलन को प्रभावित कर रहा है।
ऑलराउंडर्स पर पड़ रहा असर?
अक्षर पटेल ने भी इस नियम की आलोचना करते हुए साफ कहा था कि उन्हें यह नियम पसंद नहीं है क्योंकि वह खुद एक ऑलराउंडर हैं। पहले हम इस बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए ऑलराउंडर चुनते थे। अब टीम मैनेजमेंट किसी खास बल्लेबाज या गेंदबाज को चुनता है, वे कहते हैं कि हमें ऑलराउंडर की जरूरत क्यों है? एक ऑलराउंडर होने के नाते उन्हें यह पसंद नहीं है, लेकिन साथ ही नियम तो नियम हैं। हमें उनका पालन करना होगा। लेकिन व्यक्तिगत रूप से मुझे यह पसंद नहीं है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
इससे पहले रोहित शर्मा भी इस नियम के खिलाफ अपनी राय दे चुके हैं। उनका मानना था कि इससे भारतीय क्रिकेट में ऑलराउंडर्स के विकास पर असर पड़ सकता है। वहीं, हार्दिक पांड्या ने कहा था कि इस नियम के कारण टीम में ऑलराउंडर चुनना मुश्किल हो गया है, जब तक वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बराबर अच्छा न हो। इंपैक्ट प्लेयर रूल ने IPL में रणनीति को जरूर नया आयाम दिया है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर बहस तेज होती जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 2027 के बाद BCCI इस नियम में बदलाव करता है या नहीं।
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