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चैपल का मानना, टेस्ट क्रिकेट पर गहरा असर डाल रहा है T20 फॉर्मेट

 Reported By: Bhasha
 Published : Oct 10, 2021 12:18 pm IST,  Updated : Oct 10, 2021 12:18 pm IST

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल का मानना है कि T20 प्रारूप के लगातार बढ़ते कदमों से टेस्ट क्रिकेट पर गहरा असर पड़ रहा है।

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चैपल का मानना, टेस्ट क्रिकेट पर गहरा असर डाल रहा है T20 फॉर्मेट Image Source : GETTY

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल का मानना है कि T20 प्रारूप के लगातार बढ़ते कदमों से टेस्ट क्रिकेट पर गहरा असर पड़ रहा है विशेषकर कोविड-19 के कारण पैदा हुई मुश्किल परिस्थितियों में लंबी अवधि के प्रारूप के लिये स्थिति अधिक विकट हो गयी है। चैपल ने कहा कि टी20 में मैच पूरा करने में कम समय लगता है और इसलिए यह पारंपरिक प्रारूप पर हावी हो गया है।

उन्होंने ईएसपीएनक्रिकइन्फो में अपने कॉलम में लिखा, ‘‘यूएई में T20 विश्व कप खेला जाना है और उसके बाद उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया में एशेज श्रृंखला होगी। एशेज श्रृंखला को लेकर चली बातचीत का मुख्य कारण कोविड महामारी थी लेकिन T20 प्रारूप टेस्ट क्रिकेट पर अधिक गहरा प्रभाव डाल रहा है।’’ चैपल ने कहा, ‘‘T20 टूर्नामेंट में भाग लेने वाले देशों को शामिल करने के लिये केवल कुछ दिनों की जरूरत होती है और इसलिए वर्तमान की मुश्किल परिस्थितियों में लंबी अवधि की टेस्ट श्रृंखला की तुलना में इसमें समझौता करना आसान होता है।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘कम अवधि का होने के कारण T20 क्रिकेट उन देशों को टेस्ट मैचों की तुलना में अधिक अनुकूल लगता है जो पारंपरिक तौर पर क्रिकेट खेलने वाले देश नहीं हैं। यही वजह है कि आगामी T20 टूर्नामेंट में ओमान और पापुआ न्यूगिनी जैसे देश भाग ले रहे हैं।’’ ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज ने कहा कि टी20 प्रारूप खिलाड़ियों के लिये अधिक लुभावना और आकर्षक है।

चैपल ने कहा, ‘‘T20 प्रारूप ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को छोड़कर अन्य देशों में टेस्ट क्रिकेट की तुलना में अधिक लुभावना और लोकप्रिय है। जब अन्य मामलों की बात आती है तो अधिकतर प्रशासकों को अदूरदर्शी माना जाता है और इस लिहाज से यह खेल की भविष्य की किसी भी योजना की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘टेस्ट खिलाड़ी तैयार करने के लिये आवश्यक आधारभूत लागत गैर पारंपरिक क्रिकेट देशों के लिये अत्याधिक होगी। दूसरी तरफ वे एक टी20 प्रतियोगिता का संचालन कर सकते हैं जिससे उनकी अच्छी आय भी होगी।’’

चैपल ने कहा, ‘‘यहां तक कि अगर गैर पारंपरिक देश की अपनी T20 प्रतियोगिता नहीं है तब भी उसके बेहतर खिलाड़ियों के पास विदेशों में टूर्नामेंट खेलकर अच्छी कमाई करने का अवसर रहेगा।’’ चैपल ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट चलता रहेगा लेकिन यह पारंपरिक क्रिकेट देशों तक ही सीमित रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इन सब बातों पर गौर करने पर पता चलता है कि भविष्य में टेस्ट श्रृंखलाएं पारंपरिक क्रिकेट देशों के बीच ही खेली जाएंगी। टेस्ट खेलने वाले नये देशों आयरलैंड और अफगानिस्तान में खेल का लंबा प्रारूप फलेगा फूलेगा इसकी संभावना कम लगती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह टेस्ट क्रिकेट की धूमिल तस्वीर है जो महामारी के कारण पैदा हुई विपरीत परिस्थितियों में और धूमिल हो गयी है।’’

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