इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तिराह घाटी के कुछ हिस्सों से आतंकवादियों का सफाया कर उसे अपने कब्जे में ले लिया है। समाचार पत्र डॉन ने बुधवार को जारी अपनी रपट में यह जानकारी दी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, घाटी के सिपाह और अक्काखेल इलाकों पर कब्जा सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे खैबर-दो सैन्य अभियान की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह अभियान आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम (एलआई), तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) और जमातउल अहरार के खिलाफ चलाया जा रहा है।
फरवरी माह में खैबर-दो अभियान शुरू होने के तुरंत बाद प्रतिबंधित संगठनों ने एक-दूसरे से हाथ मिला लिया था।
सुरक्षा बल घाटी में टीटीपी के कब्जे वाले क्षेत्र कुकीखेल की ओर बढ़ रहे हैं।
एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया, "कुकीखेल पर कब्जा इस समय का मुद्दा है और चूंकि इलाके को तकरीबन हर तरफ से घेर लिया गया है, लिहाजा आतंकवादी इलाके को छोड़कर भाग रहे हैं।"
एलआई के प्रवक्ता ने अज्ञात स्थान से जारी एक बयान में कहा कि अक्काखेल और सिपाह से हटना एक रणनीति है और टीटीपी और जमातुल अहरार की सहायता से इन इलाकों पर जल्द ही कब्जा कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुकीखेल स्थित दवा-थो में लश्कर ने नौ सैनिकों को मार गिराया है और 11 अन्य को घायल कर दिया है। हालांकि एलआई के इस दावे की पुष्टि नहीं हो पाई है।
सैन्य पर्यवेक्षकों का मानना है कि सिपाह और अक्काखेल इलाकों पर सेना के कब्जे से एलआई को गंभीर आघात पहुंचा है। क्योंकि इस आतंकवादी संगठन का यहां पर पिछले 10 सालों से कब्जा था।
सिपाह और अक्काखेल में कई स्थानों पर एलआई ने भर्ती और प्रशिक्षण केंद्र और कई ठिकाने बना लिए थे।
सुरक्षा अधिकारी ने कहा, "एलआई के और उसके सहयोगियों के पास सीमा पार भागने अथवा हथियार डालने के अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं बचा है।"
अधिकारियों ने कहा कि तिराह से आतंकवादियों के खात्मे का अभियान पूरा होने के कगार पर है।