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सावधान! आपके स्मार्टफोन को ब्लास्ट कर देता है यह खतरनाक वायरस, यूं करता है काम

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 24, 2017 05:52 pm IST,  Updated : Dec 24, 2017 05:54 pm IST

यह खतरनाक वायरस फोन में घुसकर ढेर सारे प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करता है जिसके बाद बैटरी ओवरहीट हो जाती है और उसमें से धुआं उठने लगता है...

Representative Image | Pixabay- India TV Hindi
Representative Image | Pixabay

नई दिल्ली: स्मार्टफोन्स और वायरस का रिश्ता कोई नया नहीं है। अक्सर ही यूजर्स को अपने स्मार्टफोन में वायरस के हमले से दो-चार होना पड़ता है। लेकिन इस बार यूजर्स का सामना एक ऐसे वायरस से होने जा रहा है, जो उनके स्मार्टफोन्स में घुसकर जानकारी चुरा लेता है और उसके बाद चंद सेकंड्स में ही फोन को ब्लास्ट कर देता है। बड़ी तादाद में स्मार्टफोन को निशाना बनाने वाले इस नए वायरस की पहचान हो चुकी है। रूस की सिक्यॉरिटी फर्म Kaspersky ने दुनियाभर के मोबाइल यूजर्स को इस नए वायरस को लेकर चेताया है।

यूजर्स के क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुरा रहा ये वायरस

यह वायरस अब तक का सबसे खतरनाक वायरस बताया जा रहा है। इस वायरस का नाम Trojan Loapi है। यह वायरस स्मार्टफोन में सेंधमारी कर यूजर्स की सारी निजी जानकारी चुरा रहा है और उसके बाद फोन में विस्फोट कर रहा है। सिक्यॉरिटी फर्म का कहना है कि यह वायरस यूजर्स के क्रेडिट कार्ड डिटेल्स, निजी तस्वीरें, डॉक्यूमेंट्स को हाइजैक कर रहा है। ट्रोजन लूपी वायरस किसी के भी स्मार्टफोन को रिमोट लोकेशन के जरिए हाइजैक कर रहा है और उसके बाद उसमें विस्फोट कर रहा है।

स्मार्टफोन को कैसे निशाना बनाते है ये वायरस?
ट्रोजन लूपी वायरस, गूगल के ऐंड्रॉयड यूकोसिस्टम में पाया जाता है। इसके अलावा फेक ऐंटीवायरस ऐप और अडल्ट कंटेंट ऐप्लिकेशन में भी यह वायरस मौजूद रहता है। यह वायरस इतना खतरनाक है कि अगर वक्त रहते इसकी पहचान नहीं की गई तो ये किसी के फोन से कोई भी सेंसटिव जानकारी चुरा सकता है। यह वायरस फोन में घुसकर ढेर सारे प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करता है जिसके बाद बैटरी ओवरहीट हो जाती है और उसमें से धुआं उठने लगता है।

यूजर्स को ब्लैकमेल करता है ट्रोजन लूपी
यह वायरस यूजर्स के फोन को निशाना बनाकर उससे निजी जानकारियों को ऐक्सेस करने की अनुमति मांगता है और अगर यूजर ने उसे अनुमति नहीं देता है तो ये फोन पर मैसेज पॉप अप करता है। ये मैसेज तब तक पॉप अप होते रहते हैं जब तक यूजर्स उसे जानकारी मुहैया न कराए। यह वायरस यूजर्स के फोन के स्क्रीन को भी लॉक कर देता है। Kaspersky ने अपनी रीसर्ज में पाया है कि यह वायरस क्लाइंट को ऐड पॉप कर फोर्स से URL लिंक्स, वेबसाइट, फेसबुक पोस्ट, इंस्टाग्राम और दूसरे चीजों की रैंकिंग और ट्रैफिक बूस्ट करने के लिए भी कह रहा है।

Kaspersky | AP Photo
Kaspersky | AP Photo

क्या है इस वायरस से बचने का तरीका
इस वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि यूजर्स किसी भी अनजान लिंक को क्लिक न करें और न ही किसी अनजान शख्स की तरफ से भेजे गए मेल पर क्लिक करें। इसके अलावा यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा अपने स्मार्टफोन को अपडेट करते रहें। इसके अलावा प्रीमियम ऐंटिवायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके, किसी भी अनजान वेबसाइट से ऐप इंस्टॉल न करके और गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद अननोन ऐप्स अपने फोन में इंस्टॉल न करके भी इस वायरस के हमले से बचा जा सकता है।

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