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लाखों IMEI नंबर और 17 लाख WhatsApp अकाउंट हुए बंद, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

 Written By: Gaurav Tiwari
 Published : Mar 22, 2025 05:46 pm IST,  Updated : Mar 22, 2025 05:46 pm IST

टेलिकॉम सेक्टर और सोशल मीडिया में तेजी से बढ़ रहे फ्रॉड को रोकने के लिए सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। फ्रॉड और स्कैम से जुड़े करीब 3.4 करोड़ मोबाइल को सरकार की तरफ से डिस्कनेक्ट कर दिए गए हैं। इसके साथ ही सरकार ने लाखों IMEI नंबर को भी ब्लॉक कर दिया है।

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सरकार ने डिस्कनेक्ट किए करोड़ों मोबाइल। Image Source : फाइल फोटो

पिछले कुछ समय में टेलिकॉम सेक्टर में फ्रॉड और स्कैम के मामले तेजी से बढ़े हैं। लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए साइबर क्रिमिनल्स और स्कैमर्स नए-नए तरीके अपना रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ स्कैम और फ्रॉड के मामलों पर रोक लगाने क लिए भारत सरकार भी सख्त कदम उठा रही है। फ्रॉड से जुड़े करीब 3.4 करोड़ मोबाइल नंबर्स को सरकार ने डिस्कनेक्ट कर दिया है। इन मोबाइल नंबर्स को Sanchar Saathi पोर्टल के जरिए बंद किया गया।

सरकार ने संचार साथी पोर्ट के जरिए सिर्फ मोबाइल नंबर्स को ही डिस्कनेक्ट नहीं किया है बल्कि करीब 3.19 लाख IMEI नंबर को भी ब्लॉक किया है। जानकारी के अनुसार दूरसंचार विभाग ने सोशल मीडिया पर बढ़ रहे फ्रॉड को रोकने के लिए AI और बिग डेटा की मदद से करीब 16.97 लाख वॉट्सऐप अकाउंट को भी बंद किया है। 

संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि Sanchar Saathi की मदद से ऐसे नंबर पर भी सख्ती बरती गई है जो कि बल्क में मैसेज या स्पैम बढ़ा रहे थे। बल्क में मैसेज भेजने वाले करीब 20,000 से ज्यादा नंबर्स को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है।

फर्जी कनेक्शन की हो रही पहचान

आपको बता दें कि सरकारी पोर्टल संचार साथी में Chakshu नाम का भी फीचर दिया गया है। इसकी मदद से यूजर्स किसी भी संदिग्ध फ्रॉड कॉल्स या फिर मैसेज को लेकर रिपोर्ट कर सकते हैं। लेकिन बता दें कि DoT पोर्टल पर आने वाली सभी शिकायतों पर बारीकी से विश्लेषण करता है और फिर उन डिवाइसेस या फिर संसाधनों की पहचान करता है जो कि फ्रॉड से जुड़े होते हैं। मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा की मदद से फर्जी दस्तावेजों से लिए गए कनेक्शन की भी पहचान की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक टेलिकॉम सर्विस प्रवाइडर्स ने करीब 1150 लोगों या संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया है। इसके साथ ही 18.8 लाख से ज्यादा डिवाइसेस को पूरी तरह से डिसकनेक्ट कर दिया है। मंत्री ने कहा कि इसका असर भी अब दिखने लगा है। साल 2024 में अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स की शिकायतें 1,89,419 थी लेकिन अब जनवरी 2025 तक इसकी इनकी संख्या घटकर 1,34,821 रह गई है।

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