इससे पहले, 31 दिसंबर 2025 को कैबिनेट ने वोडाफोन आइडिया को बड़ी राहत दी थी। तब कंपनी की ₹87,695 करोड़ AGR देनदारी फ्रीज कर दी गई थी, और भुगतान योजना FY32 से FY41 तक तय की गई थी।
DoT के CEIR पोर्टल की मदद से पुलिस ने 25 लाख रुपये के चोरी या गुम हुए मोबाइल खोज लिए। दूरसंचार विभाग का यह पोर्टल काफी उपयोगी है। आप भी अपने चोरी या गुम हुए फोन को इसकी मदद से खोज सकते हैं।
संचार साथी ऐप के डाउनलोड में चार गुना का इजाफा देखने को मिला है। दूरसंचार विभाग का यह सिटीजन सेंट्रिक ऐप विवाद के बाद से काफी लोकप्रिय हो गया है। डेली इस ऐप को लाखों की संख्यां में यूजर्स डाउनलोड कर रहे हैं।
DoT ने मोबाइल यूजर्स को साइलेंट कॉल से सावधान रहने के लिए कहा है। स्कैमर्स यूजर्स को साइलेंट कॉल के जरिए अपनी जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे कॉल्स को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।
संचार साथी ऐप यूजर्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। इस ऐप के जरिए हर मिनट 6 मोबाइल फोन को ब्लॉक किया जा रहा है। साथ ही, हर दो मिनट में 3 खोए हुए फोन को ढूंढ़ा जा रहा है।
कहीं आप नकली मोबाइल फोन तो यूज नहीं कर रहे हैं? इसकी पहचान आप आसानी से कर सकते हैं। आपको बस एक SMS भेजना होगा और सरकारी सिस्टम आपको असली-नकली मोबाइल फोन की पहचान बता देगा।
सरकार ने एक बार फिर से फर्जी कॉल्स और मैसेज के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए बड़ी संख्यां में टेलीमार्केटर्स को ब्लॉक करने का काम किया है। यूजर्स द्वारा DND ऐप पर इन कॉल्स और मैसेज के खिलाफ रिपोर्ट किया गया था।
संचार साथी ऐप पर कई एक्सपर्ट्स ने यूजर डेटा को लेकर सवाल उठाए थे। दूरसंचार विभाग ने एक्सपर्ट्स द्वारा उठाए गए इन सवालों का जवाब दिया है और ऐप के सही इस्तेमाल के बारे में बताया है।
दूरसंचार विभाग ने संचार साथी ऐप के हर स्मार्टफोन में अनिवार्य करने वाले फैसले को वापस ले लिया है। यह ऐप आपके खोए फोन को ब्लॉक करने से लेकर फर्जी कॉल और मैसेज को भी रिपोर्ट करने में मदद करता है।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि अगर आप संचार साथी ऐप नहीं चाहते हैं, तो आप इसे डिलीट कर सकते हैं।
दूरसंचार विभाग ने मैसेजिंग ऐप के लिए नियम सख्त कर दिए हैं, नई गाइडलाइंस के तहत वॉट्सऐप और अन्य सभी मैसेजिंग ऐप केवल चालू सिम के साथ काम करेंगे।
सरकार ने साइबर क्राइम पर ब्रेक लगाने के लिए मोबाइल नंबर वैलिडेशन नियम को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (TCS) नियम, 2024 में संशोधन करने का फैसला किया है।
DoT ने देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए नई चेतावनी जारी की है। यूजर्स के नाम पर जारी सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल उन्हें जेल पहुंचा सकता है। साथ ही, 50 लाख का भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।
दोनों ही एजेंसियों ने कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन सर्विस को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का फैसला लिया है और इसे 4जी और अपेक्षाकृत नए 5जी नेटवर्क से चालू किया जाएगा।
DoT यानी दूरसंचार विभाग ने साइबर फ्रॉड के लिए पूरी तैयारी कर ली है। दूरसंचार विभाग ने इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों Airtel, BSNL, Jio और Vi (Vodafone idea) समेत टेक इंडस्ट्री के लिए नए साइबर सिक्योरिटी नियम को नोटिफाई किया है।
दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनी एयरटेल पर 2.14 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर कर्नाटक टेलीकॉम सर्किल में बिना सही वेरिफिकेशन के यूजर्स जोड़ने का आरोप है।
Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को लेकर TRAI ने बड़ी बात कही है। दूरसंचार नियामक ने स्पेक्ट्रम की प्राइसिंग को लेकर अपना रेकोमेंडेशन दे दिया है। जल्द ही, भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू हो सकती है।
TRAI ने दूरसंचार विभाग के टेलीमार्केटर्स को रेगुलेट करने की आग्रह को ठुकरा दिया है। दूरसंचार नियामक के इस फैसले की वजह से अनजान नंबरों से आने वाले फर्जी मार्केटिंग कॉल्स पर पूरी तरह से बंद नहीं होंगे।
DoT ने साइबर क्राइम पर बड़ा प्रहार करते हुए 22 लाख से ज्यादा वाट्सऐप अकाउंट बैन कर दिया है। दूरसंचार विभाग ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इसकी जानकारी दी है। संचार साथी पोर्टल पर शिकायत के बाद ये कार्रवाई की गई है।
DoT ने फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिए सिम कार्ड लेने वालों के लिए नई टेक्नोलॉजी डेवलप कर ली है। इस एआई बेस्ड टेक्नोलॉजी के जरिए जारी हुए सिम कार्ड की जांच की जाएगी। वेरिफिकेशन नहीं होने पर उन्हें ब्लॉक किया जाएगा।
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