1. Hindi News
  2. टेक
  3. न्यूज़
  4. क्या है मोबाइल नंबर वैलिडेशन? DoT के नए नियम से साइबर अपराध रोकने में होगी मदद

क्या है मोबाइल नंबर वैलिडेशन? DoT के नए नियम से साइबर अपराध रोकने में होगी मदद

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Nov 29, 2025 07:09 pm IST,  Updated : Nov 29, 2025 07:09 pm IST

सरकार ने साइबर क्राइम पर ब्रेक लगाने के लिए मोबाइल नंबर वैलिडेशन नियम को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (TCS) नियम, 2024 में संशोधन करने का फैसला किया है।

Mobile number validation- India TV Hindi
मोबाइल नंबर वैलिडेशन Image Source : INDIA TV

दूरसंचार विभाग ने हाल ही में टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (TCS) नियम, 2024 में संशोधन की अधिसूचना जारी की है। यह देश में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए किया गया है। इस नियम में मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) को भी जोड़ा गया है, जो इसमें किया गया पहला बदलाव है। इस नियम बैंक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म आदि पर आपके मोबाइल नंबर के सत्यापन से जुड़ा है। आइए, जानते हैं क्या है मोबाइल नंबर वैलिडेशन?

क्या है मोबाइल नंबर वैलिडेशन?

जैसा कि नाम से ही साफ है कि मोबाइल नंबर वैलिडिटेशन में यूजर्स को यह सत्यापित करना होगा कि किसी भी प्लेटफॉर्म या बैंक में इस्तेमाल मोबाइल नंबर उनका ही है। फिलहाल बैंकों या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जो यह सत्यापित कर सके कि बताया जाने वाला नंबर उसी का ही है। ऐसे में फ्रॉड की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

उदाहरण के तौर पर अगर आपने किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे कि फ्लिपकार्ट या अमेजन पर अपना अकाउंट क्रिएट करना है तो उसके लिए आप अपने घर के किसी सदस्या का नंबर इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म को यह पता नहीं चलता है कि नंबर वाकई में आपके नाम पर रजिस्टर्ड है या नहीं? मोबाइल नंबर वैलिडेशन में किसी भी मोबाइल नंबर का यूज करके फर्जी अकाउंट क्रिएट नहीं किया जा सकता है।

हालांकि, इसे लेकर कई लोग विरोध भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे प्राइवेसी को नुकसान पहुंच सकता है। साइबर अपराधी इसके लिए भी कोई न कोई तरीका निकाल लेंगे और फ्रॉड को अंजाम दे सकते हैं। वहीं, ऐसा कहा जा रहा है कि मोबाइल नंबर वैलिडेशन को ग्राहकों की प्राइवेसी बनाए रखते हुए इस्तेमाल किया जाएगा। इसका फायदा डिजिटल लेन-देन में भरोसे को होगा।

साइबर अपराध पर लगाम लगाने की तैयारी

इसके अलावा नए नियम में सेकेंड हैंड डिवाइस खरीदने की समस्या को भी खत्म किया जाएगा। ऐसे में बाजार में बिकने वाले फर्जी और ब्लैकलिस्ट किए गए डिवाइस को नहीं खरीदा जा सकेगा। कई लोग कम कीमत में चोरी किए गए या ब्लैकलिस्ट मोबाइल हैंडसेट खरीद लेते हैं। नए नियम के आने के बाद से बाजार में चोरी किए गए फोन नहीं बेचे जा सकेंगे।

यह भी पढ़ें -

Samsung के फोन में अपडेट के बाद आ रही ग्रीन लाइन, सर्विस सेंटर के चक्कर लगाकर यूजर्स हुए परेशान

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tech News से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें टेक

DoT