भारत ने AI यूज करने में नया रिकॉर्ड बना दिया है। भारतीय यूजर्स ने 2025 में सबसे ज्यादा एआई ऐप्स डाउनलोड किए हैं। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टावर की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में एआई ऐप्स डाउनलोड करने की संख्यां में 207 प्रतिशत का रिकॉर्ड इजाफा हुआ है। इसके साथ ही भारत ने चीन, अमेरिका और यूरोपीय देशों को पीछे छोड़ते हुए एआई ऐप्स डाउनलोड करने के मामले में दुनिया का सबसे बड़े मार्केट का तमगा हासिल कर लिया है।
Gen AI ऐप्स में भारत का दबदबा
हाल ही में भारत की राजधानी नई दिल्ली में AI समिट का आयोजन किया गया है। इसमें दुनियाभर के टेक लीडर्स और एआई पर काम करने वाली कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए थे। भारत में एआई के बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए भविष्य का एआई हब कहा जा रहा है। मार्केट रिसर्च फर्म सेंसर टावर की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत में जेनरेटिव एआई ऐप्स जैसे कि ChatGPT, Google Gemini, Perplexity आदि सबसे ज्यादा डाउनलोड किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में जेनरेटिव एआई ऐप्स सबसे ज्यादा भारत में डाउनलोड किए गए हैं। दुनियाभर में लगभग 20 प्रतिशत या हर 5 में से 1 जेनरेटिव एआई ऐप भारत में डाउनलोड हुआ है। हालांकि, इस रिपोर्ट के मुताबिक, इससे कंपनियों रेवेन्यू बेस नहीं बदला है। प्रीमियम प्लान वाले ऐसे ऐप्स में भारतीय यूजर्स का हिस्सा महज 1 प्रतिशत ही रहा है। जेनरेटिव एआई बनाने वाली कंपनियों के ऐप डाउनलोड का ग्रोथ भले ही साल-दर-साल 320 प्रतिशत तक बढ़ा हो, लेकिन इससे कमाई ज्यादा नहीं हो पा रही है।
तेजी से बढ़ा ऐप डाउनलोड का ग्रोथ
भारत में जेनरेटिव एआई के रिकार्ड डाउनलोड्स का सबसे बड़ा कारण प्रमोशनल ऑफर रहा है। इसके अलावा Meta AI, Grok AI, DeepSeek जैसे नए एआई प्लेटफॉर्म के मार्केट में उतरना भी इन प्रमुख कारणों में से एक है। Airtel, Jio जैसी टेलीकॉम कंपनियां अपने यूजर्स को Perplexity AI Pro, Google Gemini AI Pro जैसे एआई चैटबॉट का प्रीमियम एक्सेस फ्री में दिया है। इसके अलावा OpenAI ने भी कुछ समय के लिए प्रमोशनल ऑफर के तहत यूजर्स को ChatGPT Go का फ्री एक्सेस पूरे एक साल के लिए ऑफर किया है। इन फ्री ऑफर्स की वजह से भारत में एआई इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्यां में तो इजाफा देखा गया, लेकिन इसका रेवेन्यू पर बड़ा असर देखने को नहीं मिला है।
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