Wednesday, February 04, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. टेक
  3. न्यूज़
  4. कोरियन गेम ने ली 3 बहनों की जान, कहीं आपका बच्चा तो नहीं खेल रहा ऐसे खतरनाक ऑनलाइन गेम्स या चैलेंज-जानें इन्हें

कोरियन गेम ने ली 3 बहनों की जान, कहीं आपका बच्चा तो नहीं खेल रहा ऐसे खतरनाक ऑनलाइन गेम्स या चैलेंज-जानें इन्हें

ऑनलाइन गेम्स में से कई गेम्स और चैलेंज ऐसे हैं जो छोटे बच्चों के लिए काफी खतरनाक हैं तो यहां कुछ गेम्स और चैलेंज के बारे में जानकारी दी जा रही है जो जानलेवा तक साबित हो सकते हैं।

Written By: Meenakshi Prakash @meenakshiprakas
Published : Feb 04, 2026 12:48 pm IST, Updated : Feb 04, 2026 01:22 pm IST
Dangerous Online Games For Kids- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK बच्चों के लिए खतरनाक ऑनलाइन गेम

Dangerous Online Games For Kids: एक बार फिर खतरनाक ऑनलाइन गेम के शिकंजे में फंसकर मासूम जिंदगियों ने खुद ही मौत को गले लगा लिया। अभी तक की जानकारी के मुताबिक यूपी के गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में 3 नाबालिग सगी बहनों ने कोरियन लवर गेम के आखिरी टास्क को पूरा करने के लिए सोसायटी की बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली। बीती रात गाजियाबाद में हुई घटना ने फिर से ऑनलाइन गेम्स के शिकार हुए मासूमों को लेकर सवाल खड़े कर दिए है कि आखिरकार कब तक भोले-भाले बच्चे वर्चुअल संसार के ऑनलाइन जाल में फंसकर खुद को मौत के घाट उतारते रहेंगे।

इस घटना ने एक बार माता-पिता और गार्जियन के लिए अलर्ट पैदा किया है कि वो बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर ध्यान रखें कि कहीं वो ऐसे खतरनाक ऑनलाइन गेम्स या चैलेंज तो नहीं खेल रहे हैं जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं. यहां जानिए कुछ ऐसे ऑनलाइन गेम्स और चैलेंज के बारे में जिन्हें भूलकर भी बच्चे ना खेलें वर्ना ये उनके लिए घातक साबित हो सकते हैं।

फायर फेरी (Fire Fairy)

यह गेम छोटे बच्चों को टारगेट करता है और इसमें बच्चों को बताया जाता है कि अगर वे रात में गैस स्टोव ऑन करके सो जाएंगे तो वे 'फेरी' (परी) बन जाएंगे। यह बेहद खतरनाक है और इस गेम में ना केवल बच्चे बल्कि घर में रहने वाले परिवार के और सदस्यों की जान भी खतरे में आ सकती है।

Granny / Evil Nun

ये गेम छोटे बच्चों के लिए बहुत डरावने हो सकते हैं क्योंकि इसमें उनको डरावनी आवाजें और सुनसान-अंधेरे, डरावने-भुतहा माहौल वाले गेम में कुछ टास्क पूरे करने होते हैं और इन्हें पूरा ना करने पर बच्चे गेम से बाहर तो आ सकते हैं लेकिन उनकी मानसिक स्थिति पर इस डर का बुरा असर पड़ सकता है। उन्हें बुरे सपने आना या अंधेरे से डर लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं और वो मानसिक रूप से परेशान भी हो सकते हैं।

ब्लू व्हेल गेम (Blue Whale) 

ब्लू व्हेल गेम के बारे में कुछ साल पहले कई घटनाएं रिपोर्ट हुई थीं और कई बच्चों ने इसमें दिए टास्क को पूरा करने के आखिरी चरण के तहत अपनी जान गंवाईं थी। यह गेम पुराना है लेकिन अलग-अलग नामों से वापस आ सकता है। इसमें 50 दिनों तक अलग-अलग टास्क दिए जाते हैं जिसमें आखिरी टास्क आत्महत्या करना होता है। माता-पिता को मोबाइल गेम यूज करने वाले बच्चों पर नजर रखनी चाहिए कि वो इस तरह के किसी गेम को खेल तो नहीं रहा है।

कुछ गेम्स ऐसे भी हैं जो बैन नहीं हैं लेकिन अगर इन पर नजर नहीं रखी जाए तो ये खतरनाक हो सकते हैं-

Roblox (रोब्लॉक्स)

वैसे तो यह एक क्रिएटिव प्लेटफॉर्म है जहां बच्चे क्रिएटिव रूप से गेम खेल और जेनरेट कर सकते हैं लेकिन इसमें कुछ यूजर-जनरेटेड रूम्स ऐसे होते हैं जहां सेक्सुअल कंटेंट या डरावने गेम्स चलते हैं और यहां बच्चों को ऑनलाइन ग्रूमिंग का शिकार भी बनाया जा सकता है। 

इसके अलावा सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले कुछ टास्क ऐसे हैं जो सीधे जान ले सकते हैं और इनके बारे में भी माता-पिता और अभिभावकों को सतर्क रहना चाहिए।

क्रोमिंग चैलेंज

यह अभी सबसे खतरनाक ट्रेंड्स में से एक है। इसमें बच्चे घर में मौजूद नशीले पदार्थों जैसे डियोडरेंट, पेंट थिनर, मार्कर या नेल पॉलिश रिमूवर को सूंघते हैं ताकि नशा हो सके। इससे सडन स्निफिंग डेथ सिंड्रोम हो सकता है यानी दिल का दौरा पड़ने से तुरंत मौत हो सकती है। इसके अलावा ब्रेन डैमेज और फेफड़े खराब होने का खतरा अलग है।

ब्लैकआउट चैलेंज

इसे पास आउट चैलेंज भी कहते हैं और इसमें बच्चे अपनी सांस तब तक रोकते हैं या गले को दबाते हैं जब तक कि वे बेहोश न हो जाएं। इसमें ऑक्सीजन की कमी से ब्रेन डैमेज या दौरे पड़ना और मौत होने की बहुत अधिक संभावना होती है। माता-पिता को ये ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे ऐसे किसी चैलेंज से जुड़ी एक्टिविटी की बात तो नहीं कर रहे हैं या इससे जुड़ी कोई सर्च तो नहीं कर रहे हैं।

बेनाड्रिल चैलेंज

इसमें बच्चे हेलुसिनेशन्स का अनुभव करने के लिए एलर्जी की दवा बेनेड्रिल की बहुत ज्यादा गोली खाने का चैलेंज लेते हैं और बच्चों में इसके ओवरडोज से हार्ट अटैक, कोमा के अलावा मौत होने का खतरा होता है।

माता-पिता को क्या करना चाहिए

माता-पिता बच्चों से बात करें, मोबाइल बैन करने की बजाए उन्हें समझाएं कि क्रोमिंग या Blackout चैलेंज करने से वे मर सकते हैं या हमेशा के लिए अपाहिज हो सकते हैं। बच्चों की बॉडी और बिहेवियर पर नजर रखें कि उनकी बॉडी से कोई कैमिकल की गंध तो नहीं आ रही है या कोई चोट-कट के निशान तो नहीं हैं। बच्चे की आंखें लाल हों या बार-बार सिरदर्द की शिकायत करे तो सचेत हो जाएं। अभिभावक  Parental Controls का इस्तेमाल करें और Google Family Link या अन्य ऐप्स के जरिए देखें कि बच्चा फोन पर क्या देख रहा है। Roblox या दूसरे गेम्स में चैट फीचर को बंद रखें या Friends Only पर सेट करें ताकि कोई अनजान शख्स उनसे कॉन्टेक्ट ना कर सके। अगर आपको लगता है कि आपका बच्चा किसी गलत चैलेंज में फंस गया है तो तुरंत किसी चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट या साइबर सेल से कॉन्टेक्ट करें।

ये भी पढ़ें

Redmi Note 15 Pro और Note 15 Pro+ 5G खरीदने वाले हों तैयार, भारत में पहली सेल आज से तो जान लें कीमत-ऑफर

(डिस्क्लेमर: प्रशिक्षित और मान्यता प्राप्त मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) परामर्शदाताओं से परामर्श और सहायता प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 या 1800-891-4416 डायल करें। TISS Icall 022-25521111 (सोमवार-शनिवार: सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक) (यदि आपको सहायता की आवश्यकता है या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे सहायता की आवश्यकता है, तो कृपया अपने निकटतम मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।)

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tech News से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें टेक

Advertisement
Advertisement
Advertisement