कोविड महामारी से उबरने के बाद पिछले 2 सालों से भारत में एटीएफ की मांग लगातार बढ़ रही थी। हालांकि, इंडिगो द्वारा बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह से दिसंबर 2025 में ये सिलसिला आखिरकार टूट गया।
इससे पहले, 1 जुलाई को एटीएफ की कीमतों में 7.5 प्रतिशत (6271.5 रुपये प्रति किलोलीटर) की भारी बढ़ोतरी की गई थी। जिसके बाद, अब एटीएफ के दाम 2677.88 रुपये बढ़ा दिए गए हैं।
हवाई उड़ानों पर प्रतिबंध से एटीएफ की मांग में भी 31 फीसदी की कमी
संकटग्रस्त सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के ऊपर तीन तेल विपणन कंपनियों का करीब 4,500 करोड़ रुपये बकाया है। बकाये के भुगतान में करीब सात महीने की देर हो चुकी है जिसके चलते तेल विपणन कंपनियों को आपूर्ति रोकने को बाध्य होना पड़ रहा है।
विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत में मंगलवार को 14.7 प्रतिशत की कटौती की गई, जो एक बार में की गई अब तक की सबसे बड़ी कटौती है।
वित्त सचिव हसमुख अधिया ने आज कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार करेगी और ऐसा चरणबद्ध तरीके से किया जा सकता है।
एविएशन सेक्टर के लिए यह साल शानदार साबित हो रहा है। करीब 5 साल से मंदी की मार झेल रहीं भारत की एयरलाइन कंपनियां प्रॉफिट में आ गई हैं।
पेट्रोल और डीजल के बाद बिना सब्सिडी वाली रसोई गैस सिलेंडर (एलपीजी), मिट्टी के तेल और विमान ईंधन एटीएफ कीमतों में वैश्विक रूख के अनुरूप बढ़ोतरी हुई है।
वित्त वर्ष 2016-17 शुरू होते ही कई सर्विस और सामान भले ही महंगे हो गए हों लेकिन तेल कंपनियों ने गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी के दाम घटाकर कुछ राहत जरूर दी है।
सर्विस टैक्स के बाद अब एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी से हवाई सफर करना महंगा हो सकता है। तेल कंपनियों ने एटीएफ की कीमत में 12 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी बीपी पीएलसी को दो साल के संघर्ष के बाद भारत में एयरलाइंस कंपनियों को एटीएफ बेचने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने LPG सिलेंडर को महंगा कर दिया है। कंपनियों ने गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमतों में 61.50 रुपए की बढ़ोत्तरी की है।
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