Google Pixel 10 सीरीज के प्रोसेसर के लिए गूगल ने सैमसंग के साथ अपनी साझेदारी खत्म कर ली है। इस अपकमिंग सीरीज के लिए Google ने नई कंपनी के साथ चिप बनाने की लंबी डील की है।
प्रीमियम स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट आदि में इस्तेमाल होने वाले 3nm चिप अब भारत में ही बनेंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा की है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी भारत की निर्भरता अब किसी पर नहीं होगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर इकाई को मंजूरी दे दी है।
भारतीय वैज्ञानिकों ने सिलिकॉन से भी छोटा चिप डेवलप कर लिया है। इसमें सिलिकॉन की बजाय 2D मटीरियल्स का इस्तेमाल किया गया है। इस चिप के प्रोडक्शन का प्रपोजल सरकार के पास पहुंचा है, जिस पर सरकार विचार कर रही है।
Google X ने नया Teera चिप बनाया है जो रोशनी का इस्तेमाल करके 10Gbps तक की स्पीड से इंटरनेट मुहैया करा सकता है। गूगल की यह टेक्नोलॉजी कम खर्च में ऑप्टिकल फाइबर की तरह हाई स्पीड डेटा ट्रांसफर करने में सक्षम है।
भारत जल्द ही स्वदेशी तकनीक के मोबाइल चिप बनाए जा सकते हैं। सरकार की इस तैयारी से सेमीकंडक्टर मार्केट में चीन की बादशाहत को खत्म किया जा सकता है।
कॉन्टिनेंटल डिवाइस इंडिया (सीडीआईएल) भारत की पहली सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरर है, जो अलग सेमीकंडक्टर और सिलिकॉन कार्बाइड उपकरणों में विशेषज्ञता रखती है।
अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण कंपनी जैबिल इंडिया ने 1,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक सिलिकॉन फोटोनिक्स विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए गुजरात सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
Google ने एक और कमाल करते हुए दुनिया का सबसे तेज Quantum Chip Willow लॉन्च कर दिया है। गूगल का यह चिप जटिल से जटिल दिक्कतों को फटाफट सॉल्व कर सकता है।
जापान सेमीकंडक्टर परिवेश के संयुक्त विकास और अपनी ग्लोबल सप्लाई चेन की मजबूती को बनाए रखने के लिए भारत के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला अमेरिका के बाद दूसरा क्वाड पार्टनर है।
एनवीडिया रिलायंस के डेटा सेंटरों के लिए अपने ब्लैकवेल एआई प्रोसेसर की आपूर्ति करेगी। इसके अलावा कंपनी योट्टा डेटा सर्विसेज और टाटा कम्युनिकेशंस जैसी कंपनियों के डेटा सेंटरों को हॉपर एआई चिप्स देगी।
सेमीकंडक्टर भारत के डिजिटल परिवर्तन लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी का लाभ देश के दूरदराज और तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर ध्यान दे रही है।
नीदरलैंड्स की एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स अगले कुछ सालों में भारत में अपनी आरएंडडी गतिविधियों को दोगुना करने के लिए एक अरब डॉलर (8400 करोड़ रुपये) से ज्यादा का निवेश करने की योजना बना रही है।
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में ग्लोबल कोलैबोरेशन की दिशा में काम करने ग्लोबल एसोसिएशन 'सेमी' के प्रेसीडेंट व सीईओ अजीत मनोचा ने कहा कि यह अकल्पनीय होने के साथ अद्भुत है। सेमीकॉन कई देशों में आयोजित हो चुके हैं। मगर, भारत में यह पहला संस्करण है और अन्य देशों की तुलना में यह चार से पांच गुना ज्यादा बड़ा आयोजन है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हम अब उस चरण में हैं जब सेमीकॉन प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा हो गया है और अब हम सेमीकॉन 2.0 तैयार कर रहे हैं जो सेमीकॉन 1.0 का ही अगला और नया रूप होगा। नए प्रोजेक्ट को लागू करने में हमें तीन से चार महीने का समय लगेगा।’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का भारत दुनिया में विश्वास जगाता है। जब मुश्किलें आती हैं, तो आप भारत पर दांव लगा सकते हैं। सेमीकंडक्टर विनिर्माण में 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश पहले ही किया जा चुका है और कई परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र के प्रतिनिधियों को आश्वास्त किया कि सरकार एक अनुकूल और स्थिर नीतिगत व्यवस्था का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ पर ध्यान केंद्रित करते हुए सरकार हर कदम पर उद्योग को समर्थन देना जारी रखेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस.कृष्णन ने कहा कि सरकार के पास अब भी छोटी परियोजनाओं को समायोजित करने की गुंजाइश है।
भारत के अदाणी ग्रुप और इजराइल की कंपनी टावर सेमीकंडक्टर की ओर से महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पनवेल में स्थापित किए जा रहे सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट को हाल ही में महाराष्ट्र सरकार की ओर से अनुमति मिली है।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3,300 करोड़ रुपये के निवेश के साथ गुजरात के साणंद में एक सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित करने के लिए कायन्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है, जो प्रतिदिन लगभग 60 लाख चिप्स का उत्पादन करेगी।
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